एनसीटीसी पर राज्यों को विशवास में लें:नीतीश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 14 मार्च 2012

एनसीटीसी पर राज्यों को विशवास में लें:नीतीश


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनसीटीसी में कतिपय सुधार की जरुरत जताते हुए बुधवार को कहा कि यह एक गंभीर मसला है और इस पर गंभीरतापूर्वक राज्यों को विश्वास में लेकर केंद्र को आगे बढना चाहिए। 
    
पत्रकारों द्वारा एनसीटीसी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए नीतीश ने इसमें कतिपय सुधार की जरुरत जतायी और कहा कि यह एक गंभीर मसला है और इस पर गंभीरतापूर्वक राज्यों को विश्वास में लेकर केंद्र को आगे बढना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी के मामले में जो हमारी शंकाएं या आपत्तियां है उसे पहले ही प्रधानमंत्री को एक पत्र के जरिए बता दिया गया है जिसके बाद उनका एक छोटा सा उत्तर आया।
   
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में गृहमंत्री का एक विस्तृत उत्तर आया जिसपर गृहमंत्री को उन्होंने पत्र लिखा और उसका भी एक संक्षिप्त उत्तर आया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के सचिव द्वारा अधिकारियों की एक बैठक बुलाई गयी थी जिसमें बिहार के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक शामिल हुए थे। नीतीश ने कहा कि जब प्रधानमंत्री इसको लेकर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएंगे तो वे इन बातों को रखेंगे लेकिन एक बात स्पष्ट है कि आतंकवाद की लडाई में हमलोग केंद्र के साथ हैं, उस लडाई को लडने के लिए राज्यों पर विश्वास करना होगा।
    
 नीतीश ने कहा कि ऐसा नहीं है कि राज्यों को बाईपास करके आप समक्षेंगे कि हम इस लडाई को लड लें, हमलोगों का एतराज इस बिंदू पर है। नीतीश ने कहा कि इस बहाने आप राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करें, उसमें कटौती करें जो संविधान ने प्रदान किया है, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस देश में नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी किसलिए बनाई गई, रोज-बरोज नए सेंटर्स बनाने से आतंकवाद के खिलाफ लडाई का समन्वय नहीं हो सकता।
   
नीतीश ने कहा यह विचित्र बात है कि इसतरह की बात करके, प्रस्ताव फेंककर वह गंभीर दिखेंगे आतंकवाद की लडाई में, मेरे हिसाब से इस प्रकार के कदम से काम नहीं चलेगा, यह एक गंभीर मसला है और इसपर गंभीरतापूर्वक राज्यों को विश्वास में लेकर केंद्र को आगे बढना चाहिए।

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