मिठनपुरा के तत्कालीन थानेदार पारसनाथ पासवान को धमकी देने, जाति सूचक शब्द बोलकर प्रताड़ित करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय नरसिंह प्रसाद के कोर्ट से जमानत मिल गयी । बुधवार को उन्हे सहरसा जेल से मुजफ्फरपुर कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।
आनंद मोहन पर तत्कालीन थानेदार पासनाथ पासवान ने 25 अप्रैल 1996 को एफआईआर दर्ज कराई थी। पूर्व सांसद व अन्य अज्ञात पर पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 333, 356, 504 व 3/10 एससी, एसटी एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 10 जून 1996 को संज्ञान लिया। पूर्व सांसद आनंद मोहन इस मामले में कई बार कोर्ट में पेश हो चुके हैं। अधिवक्ता रघुवीर प्रसाद सिंह ने पूर्व सांसद की तरफ से जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय के कोर्ट के अधिवक्ता रघुवीर प्रसाद सिंह, रामशरण प्रसाद सिंह, ब्रजमोहन प्रसाद सिंह, ललित प्रसाद वर्मा ने पूर्व सांसद की जमानत के लिए बहस की। पेशी के क्रम में पूर्व सांसद के दर्जनों समर्थक मौजूद थे।
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