एमआईटी की युवा प्रौद्योगिकी इनोवेटर (प्रवर्तकों) की भारतीय सूची 'इंडिया टीआर35 2012' में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के चार छात्रों को शामिल किया गया है। आईआईटी-बम्बई के तीन छात्रों वी.एस.के मूर्ति बेलिजेपल्ली, नितिन जोशी और वंतेरू महेंद्र रेड्डी ने सूची में जगह बनाई है, जबकि आईआईटी-कानपुर के एक छात्र अभिजीत मजुमदार ने सूची में जगह बनाई है। एमआईटी टेक्न ोलॉजी रिव्यू के भारतीय संस्करण ने शनिवार को मुम्बई में नई सूची जारी की। सूची में 20 युवा इनोवेटर को शामिल किया गया है। सभी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं।
बेलीजेपल्ली (26 वर्ष) ने बिजली की कीमत, ग्रिड फ्रिक्वेंसी और लोड का अनुमान लगाने की पद्धति का विकास किया है। इससे पावर ग्रिड अधिक कुशलता से काम कर सकता है। जोशी (26 वर्ष) ने दोहरी नैनोसंरचना का विकास किया है, जिसके माध्यम से फेफड़े के कैंसर के रोगियों को दो कैंसर रोधी दवाओं-पैक्लीटैक्सेल और करक्यूमिन-का मिश्रण दिया जा सकता है, जो पारम्परिक कीमोथेरेपी में सम्भव नहीं था।
तीस वर्षीय महेंद्र रेड्डी को तरल ईंधन के बिना ज्वाला के दहन पर उनके कार्य के लिए सूची में जगह दी गई है। तैंतीस वर्षीय मजुमदार ने एक अत्यधिक इनोवेटिव रासायनिक गोंद का विकास किया है। सूची में एक महिला 28 वर्षीय प्रियंका शर्मा को भी जगह दी गई है। वह चण्डीगढ़ में सीएसआईआर द्वारा संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्न ोलॉजी से सम्बद्ध है। उन्होंने एक प्लास्टिक चिप का विकास किया है, जो किसी परिवेश से जहरीली सामग्री की खोज कर सकता है। सूची में शामिल सभी प्रौद्योगिकीविद अपने कार्यो को बेंगलुरू में इस महीने के अंत में होने वाले इमर्जिग टेक्न ोलॉजीज कानफरेंस एमटेक इंडिया 2012 में रखेंगे। सम्मेलन को मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्न ोलॉजी के प्रमुख वैज्ञानिक भी सम्बोधित करेंगे।

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