नरसंहार के आरोपियों के बरी होने पर प्रदर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

नरसंहार के आरोपियों के बरी होने पर प्रदर्शन




बिहार में भोजपुर जिले के सहार थाना अंतर्गत बथानी टोला नरसंहार के मामले में 23 अभियुक्तों के बरी होने के बाद भाारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को इसके विरोध में प्रदर्शन किया। पटना उच्च न्यायालय ने सोमवार को इन अरोपियों को बरी कर दिया था। भाकपा-माले के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतरने लगे थे। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने न्यायालय के फैसले के विरोध में अंतर्राज्यीय बस अड्डे के पास सड़क जाम कर दिया, जिससे पटना-आरा मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप्प हो गया। 


जगदीशपुर में भी कार्यकर्ताओं ने आवागमन बाधित किया। पटना-सहार मार्ग को भी प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया। तरारी और सहार से भी लोगों के प्रदर्शन की खबर है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, प्रदर्शन के कारण महत्वपूर्ण मार्गो पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। आरा जिला के भाकपा-माले के सचिव दीलराज प्रतिम ने राज्य सरकार पर अभियुक्तों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, भाकपा-माले की बिहार इकाई के सचिव कुणाल ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले से सभी लोग स्तब्ध हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में बथानी टोला जैसे नरसंहार के अभियुक्त बरी हो जा रहे हैं, जबकि यौन उत्पीड़न की शिकार शिक्षिका रूपम पाठक को आजीवन कारावास की सजा मिल रही है। पटना उच्च न्यायालय ने निचली अदालत से फांसी की सजा पाए तीन और उम्र कैद की सजा पाये 20 अभियुक्तों को सोमवार को बरी कर दिया था। इन लोगों पर 11 जुलाई 1996 को बथानी टोला में हमला कर 12 महिलाओं और बच्चे सहित 21 लोगों की हत्या करने का आरोप था।





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