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मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

बहुगुणा ने प्राकृतिक गैस मंत्री लिखा पत्र


केंद्र से 6 सीएनजी स्टेशन व खाद्यान्न कोटा बढ़ाने की मांग


मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने केंद्र सरकार से उत्तराखंड में कम से कम 6 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने व प्रदेश में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने की मांग की है। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी को लिखे पत्र में बहुगुणा ने प्रथम चरण में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर व रूद्रपुर में सीएनजी स्टेशन लगाए जाने का अनुरोध किया है। राज्य में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री बहुगुणा ने अपने पत्र में कहा है कि इससे यहां के वन व वन्यजीवों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उत्तराखंड में अनगिनत पर्यटन स्थल हैं। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता व स्वच्छ पर्यावरण से आकर्षित होकर देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक खिंचे आते हैं। इससे जहां देश को विदेशी मुद्रा मिलती है वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हजारों की संख्या में दौड़ रहे वाहनों से पर्यावरण दूषित हो रहा है जिसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही अंततः पर्यटन पर भी होगा। राज्य में वाहनों को सीएनजी से संचालित किए जाने से ही इस समस्या पर नियंत्रण किया जा सकता है। परंतु वर्तमान में राज्य में एक भी सीएनजी स्टेशन नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि प्रथम चरण में राज्य के तेजी से बढ़ रहे शहरों देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर व रूद्रपुर में सीएनजी स्टेशन जल्द ही स्थापित किया जाना आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति प्रो.के.वी. थामस को लिखे पत्र में प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या के हिसाब से प्रदेश में खाद्यान्न 22,570 मि0 टन गेहँू तथा 16,928 मि0 टन चावल प्रतिमाह आंवटित करने का अनुरोध किया है। पत्र में लिखा है, कि प्रदेश की जनसंख्या 2011 में 1 करोड़ 1 लाख 16 हजार 752 हो गई है। जबकि प्रदेश को 2001 की जनसंख्या 75 लाख 84 हजार के हिसाब से खाद्यान्न कोटा गेहँू 21 हजार 803 मि0टन तथा चावल 3 हजार 432 मि0 टन मिल रहा है, जो वर्तमान जनसंख्या के हिसाब से 767 मि0टन गेहँू तथा 13 हजार 496 मि0 टन चावल कोटा कम मिलने के कारण ए0पी0एल0 कार्डधारकों का कोटा प्रभावित हो रहा है। उन्होने ए0पी0एल खाद्यान्न का कोटा बढ़ाने के लिए पैतृक राज्य यू0पी0 के समय का परिवार का मानक 6.22 को यहां की भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप निर्धारण करने का अनुरोध किया है। ज्ञातव्य है कि समान परिस्थिति वाले राज्य हिमांचल प्रदेश को वर्तमान में परिवार के 5.34 के हिसाब से खाद्यान्न कोटा मिल रहा है।

(राजेन्द्र जोशी)

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