एयर इंडिया अगले कुछ महीनों में 100 नए पायलटों की नियुक्ति करेगी. यह बात नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने बुधवार 6 जून को दिल्ली में कही. इससे पहले हड़ताली पायलटों के लिये संभावनाओं के लगभग सभी रास्ते बंद करते हुए अजीत सिंह ने कहा था कि बर्खास्त पायलट अब नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं.
बर्खास्त किये गये 101 पायलटों की जगह नए पायलटों की नियुक्ति का संकेत देते हुए सिंह ने कहा कि 90 पायलटों का प्रशिक्षण चल रहा है और वे अगस्त में उड़ान कार्य के लिए उपलब्ध होंगे.
इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के नेतृत्व में चल रही महीने भर लंबी हड़ताल के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा ‘‘हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं जिन नई उड़ानों के परिचालन की हमने योजना बनाई है उनके लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन- पायलट और इंजीनियर हों.’’
हड़ताली पायलटों ने सरकार की योजना पर सवाल उठाया है. दिल्ली और मुंबई में मौन जुलूस के बाद आईपीजी के संयुक्त सचिव कैप्टन अनिल कुमार राव ने कहा ‘‘मंत्रालय की पहल (पायलटों की नियक्ति) को लेकर हमें गंभीर शंका है. वे किसे लाभ पहुंचाना चाहते हैं? जब कंपनी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है ऐसे में क्या कंपनी इन नए पायलटों को हमसे दोगुना वेतन दे सकेगी.’’उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘मंत्रालय की ऐसी पहल से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. विदेशी पायलटों को बिना उनका पिछला रिकॉर्ड जांचे नियुक्त करना सुरक्षा से समझौता करना होगा.’’ उन्होंने कहा ‘‘हम एयर इंडिया प्रबंधन से अपील करते हैं कि वह सामने आए और बातचीत करे. हम विमान उड़ाना चाहते हैं. लेकिन इसके लिए प्रबंधन या मंत्रालय में से किसी को हमारी बात सुननी चाहिए.’’
छुट्टियों के मौसम में हड़ताल के कारण 400 करोड़ रुपए का घाटा सह चुकी सरकार का अब मान-मनोव्वल का कोई विचार नहीं है. अजित सिंह ने कहा कि बर्खास्त पायलट अब तभी कंपनी में लौट सकते हैं जब कंपनी नये पायलटों की भर्ती करेगी और वे नए सिरे से आवेदन करेंगे. नागर विमानन मंत्री ने कहा ‘‘जहां तक हमारा सवाल है तो हमारे लिए पायलटों की हड़ताल खत्म हो चुकी है. हड़ताली पायलट यदि धर्माधिकारी रपट को स्वीकार नहीं करते जो कि एयर इंडिया की कायाकल्प योजना का हिस्सा है, तो मुझे नहीं लगता कि उनके वापस आने का कोई मतलब है. यदि बर्खास्त पायलट वापस आना चाहते हैं तो उन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा.’’
इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) की हड़ताल के 30वें दिन उनकी यह टिप्पणी आई है. उल्लेखनीय है कि बुधवार को ही आईपीजी के सदस्य दिल्ली और मुंबई में अपनी मांगों के समर्थन में मौन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांगों में करियर में प्रोन्नति के अलावा 101 बर्खास्त पायलटों की बहाली और अपने कर्मचारी संगठन की मान्यता बहाल करना शामिल है.
बर्खास्त पायलटों की जगह नई नियुक्ति का संकेत देते हुए सिंह ने कहा कि फिलहाल 90 पायलटों का प्रशिक्षण चल रहा है और अगस्त में उड़ान के लिए उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा ‘‘हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे पास उन नयी उड़ानों के लिए पर्याप्त संसाधन- पायलट और इंजीनियर हैं जिनकी हमने योजना बनाई है.’’ उन्होंने कहा ‘‘उन्होंने (पायलट) वापस न लौटने का फैसला किया है. उन्होंने धर्माधिकारी रपट को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है जिसने 2007 के विलय के बाद दो पूर्ववर्ती विमानन कंपनियों के कर्मचारियों के एकीकरण के लिए कई कदम उठाने का सुझाव दिया है.’’
सिंह ने कहा ‘‘हमारा मानना है कि हड़ताल गैरकानूनी है. उच्च न्यायालय ने भी ऐसा ही कहा है. उन्होंने हड़ताल के लिये कोई नोटिस नहीं दिया... यदि वे आना चाहते हैं तो उनका अभी भी स्वागत है लेकिन कोई शर्त नहीं होनी चाहिए.’’ मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया जल्दी ही और नये पायलटों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगी और किसी एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपेगी.
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