बिहार में ई-वोटर कार्ड नाने का विचार किया जा रहा है. अब वोटर मोबाइल के जरीए वोट डाल सकेंगे.
राज्य निर्वाचन आयोग गुजरात और महाराष्ट्र में पंचायत तथा नगर निकायों के चुनाव ई-वोटिंग से कराने के मद्देनजर बिहार में ई-वोटर कोर्ड बनाने का विचार कर रहा है.
इसके लिए सॉफ्टवेयर कंपनियों से सम्पर्क करने की तैयारी है. दानापुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 40 के उपचुनाव में इसका प्रयोग किये जाने का विचार है.
राज्य निर्वाचन आयुक्त एच.सी.सिरोही की अध्यक्षता में हुई आयोग की बैठक में बिहार में पंचायत व शहरी निकायों के लिए स्वतंत्र रूप से वार्डवार मतदाता सूची भी तैयार करने का निर्णय हुआ है. इसके लिए 2006 के पंचायती राज अधिनियम और 2007 के नगरपालिका अधिनियम में संशोधन हेतु राज्य सरकार को सिफारिश किया जायेगा.
फिलहाल विधानसभा की मतदाता सूची का ही पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव के लिए वार्डवार विखंडन किया जा रहा है. विखंडन की कार्रवाई में मतदाता सूची में त्रुटियों की भरमार देख स्वतंत्र रूप से वार्डवार मतदाता सूची बनाने का विचार है. आयोग ने बिहार ई-वोटर कार्ड और स्वतंत्र वार्डवार मतदाता सूची तैयार करने हेतु खर्च का भी आकलन करवायेगा.
ई-वोटर कार्ड बनाने की तैयारी के तहत अध्ययन हेतु बिहार से अधिकारियों की टीम गुजरात और महाराष्ट्र जायेगी. ई-वोटिंग की व्यवस्था लागू किये जाने पर मतदाता घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट से मतदान कर सकेगा. उसे मतदान केन्द्र पर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. ई-वोटर कार्ड सुलभ होने पर मतदाता अपने घर के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर लगी मशीन में ई-वोटिंग आई कार्ड को स्वाइप कराकर मतदान कर सकेंगे.
ई-कियोस्क नाम की इस मशीन से मतदाता अपने और परिवार के सदस्यों का मतदान केन्द्र, वार्ड और शहर की जानकारी भी चंद सिक्कों की मदद से ले सकेगा. बिहार ई-वोटर कार्ड में जो चिप लगी होगी, उससे मतदाता के अंगूठे का निशान भी संधारित होगा. ऐसी व्यवस्था होगी कि अगर मतदाता कहीं दूसरी जगह वोटर बनना चाहता है तो यह संदेश मिल जाये कि यह पहले ही अन्यत्र वोटर बन चुका है. इससे मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों में होने से रोका जा सकेगा. इस पूरी प्रक्रिया को कई चरणों में लागू की जायेगी.

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