कांग्रेस कार्य समिति ने सोनिया गांधी को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार पर निर्णय करने के लिए अधिकृत किया. राष्ट्रपति चुनाव के बारे में कांग्रेस कार्य समिति का प्रस्ताव वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पेश किया. सोनिया ने कांग्रेस कार्य समिति के उद्घाटन संबोधन में कहा, ‘‘लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का काम होता है लेकिन जिस तरीके से विपक्ष और कुछ कांग्रेस विरोधी तत्व साजिश के रूप में प्रधानमंत्री, संप्रग सरकार, पार्टी और हमारे कुछ सहयोगियों के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं, वह खेद का विषय है.’’
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में सोनिया ने कहा, ‘‘हम इस तरह के आरोपों के खिलाफ पार्टी और सरकार के स्तर पर जोरदार ढंग से लड़ेंगे .’’पेट्रोल मूल्यवृद्धि का उल्लेख किए बिना उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियां भी हैं जो आम आदमी पर असर डाल रही हैं. ‘‘पूरी दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और हमें इसका सामना करना है तथा हम इसका सामना कर रहे हैं.’’
संप्रग सरकार की तीसरी सालगिरह पर लोगों से जो खबर मिली, वह ‘‘मुश्किलों के बावजूद सफलता का दस्तावेज है.’’ किसी खास मुद्दे का उल्लेख किए बिना उन्होंने इस अवसर का इस्तेमाल राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकारों की आलोचना के रूप में किया और आरोप लगाया कि वे केंद्र की नीतियों के कार्यान्वयन में उतना सहयोग नहीं कर रहीं जितनी कि लोकतंत्र में उम्मीद की जाती है.
सोनिया ने कहा कि राज्यों में होने वाले चुनावों और 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भी पार्टी को हर स्तर पर मजबूत होना होगा. उन्होंने कहा, ‘‘और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम सब एक होकर काम करें.’’
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