आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 6 जून 2012

आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण.



ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से जमीन से हवा में मार करने में सक्षम स्वदेशी आकाश मिसाइल के वायुसेना में इस्तेमाल किए जाने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया गया।

   
बीते एक पखवाड़े में यह पांचवां मौका है, जब विमान भेदी प्रणाली का परीक्षण किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आकाश मिसाइल के वायुसैनिक संस्करण का आईटीआर से परीक्षण किया गया। यह परीक्षण सफल रहा और यह सभी लक्ष्यों में भेदने में सक्षम है।
   
यह विमान भेदी मिसाइल 25 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और 60 किलोग्राम तक हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसे एक मोबाइल लांचर से आईटीआर के परिसर-3 से छोड़ा गया। आकाश मिसाइल परियोजना से जुड़े रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षण सुबह 7:57 बजे किया गया। आकाश शस्त्र प्रणाली के थलसेना के लिए विकसित संस्करण को 2008 में सेना में शामिल किया गया था।
     
मिसाइल का यह परीक्षण उसी क्षेत्र से किया गया, जहां से 24, 26, 28 और एक जून को इसी तरह का परीक्षण किया गया था। एक जून को आकाश के वायुसैनिक संस्करण की दो मिसाइलों का परीक्षण किया गया था। रक्षा सूत्रों ने बताया, इस परीक्षण के दौरान अत्याधुनिक मिसाइल का उद्देश्य गतिशील लक्ष्य को भेदना था। इस मिसाइल को मानवरहित विमान के जरिए समुद्र के उपर एक निश्चित उंचाई से छोड़ा गया।
     
डीआरडीओ की बेंगलूर स्थित प्रयोगशाला इलेक्ट्रानिक्स एंड रडार डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (एलआरडीई) की ओर से विकसित रडार राजेंद्र के साथ आकाश एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। राजेंद्र लक्ष्य की निगरानी करता है और एक बार उसका पता चल जाने पर वह मिसाइल को निर्देशित करने का काम करता है। डीआरडीओ ने वायुसेना और सेना के लिए आकाश मिसाइल के दोनों संस्करणों को विकसित किया है।

कोई टिप्पणी नहीं: