पटना स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत ने चार वर्ष पुराने एक रिश्वत कांड में शनिवार को वैशाली जिले के सुमेरगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक और उसके सहायक को दो दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार सुमेरगंज बैंक शाखा के प्रबंधक बीएन ठाकुर और उनके सहायक राशिद आलम को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सीबीआई ने डीपी सिन्हा नामक व्यक्ति की शिकायत पर दोनों आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण की दूसरी किश्त जारी करने के लिए ठाकुर और आलम ने रिश्वत मांगी थी।
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