बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शहरों के लिए नया कानून बनाने में जुटी है. शहर ऐसा बने कि आपदा के दौरान जानमाल की कम से कम क्षति हो. इसके लिए शहरों को सुव्यवस्थित बनाना होगा. मकानों में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ही भूकंपरोधी व जलनिकासी जैसी सुविधाएं भी होनी चाहिये.
नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि आज पटना एवं आसपास के इलाकों में बगैर प्लानिंग मकानों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं होता है, नतीजतन हल्की बारिश में ही शहर जलमग्न हो जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री शनिवार को फुलवारी नगर परिषद क्षेत्र के इशोपुर में शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाएं योजना के अंतर्गत नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 192 फ्लैट ही बनाये जा सके हैं. पूरी योजना में केंद्र एवं राज्य सरकारों का लगभग 50-50 फीसदी का योगदान है. उन्होंने कहा कि दो प्रकार की योजनाएं चलायी जा रही हैं, जिनमें पहली शहरी गरीबी बुनियादी योजना और दूसरी स्लम विकास योजना है. शहरी गरीबी बुनियादी योजना के अंतर्गत राज्य में कुल 50 हजार लोगों के लिए आवासों का निर्माण कराया जाना है जिनमें अभी दो हजार पूरे हुए हैं और छह हजार की योजना बनायी जा रही है.
नवनिर्मित फ्लैटों के शिलान्यास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि करीब छह वर्ष पूर्व शिलान्यास किया गया था. फिर चुनाव आ गया. चुनाव में आप लोगों ने जिताया और आज उद्घाटन का मौका आपने ही दिया है. इस अवसर पर नगर विकास मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के लिए केंद्र के सहयोग से 50 हजार आवासों का निर्माण करवायेगी. उक्त योजना पर कार्य शुरू हो गया है तथा फुलवारी, खगौल, दानापुर आदि में कार्य प्रगति पर हैं. पटना सिटी में 240 फ्लैटों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. 19 करोड़ 95 लाख की लागत से नगर परिषद क्षेत्रों के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की सुविधा पर कार्य किया जा रहा है. 139 शहरों में पेयजल, कचरा प्रबंधन आदि की योजनाएं चलायी जा रही हैं. केंद्र सरकार से 29 शहरों के लिए नुरुप के तहत स्वीकृति मिली है. शेष शहरों के लिए प्रक्रिया चल रही है.
खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री श्याम रजक ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री ने रमजान में फ्लैट के रूप में ईद का तोहफा देकर बहुत बड़ा कार्य किया है. उन्होंने कहा कि अभी फुलवारीशरीफ के गरीबों के लिए आठ सौ आवासों का निर्माण कराया जाना है. नगरवासियों को शुद्ध जल मुहैया कराने के लिए छह जल मीनारें बनवायी जा रही हैं. सांसद डॉ. रंजन प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार में न्याय के साथ विकास का सफर तय किया जा रहा है. बगैर किसी भेदभाव के साथ सबके उत्थान के लिए मुख्यमंत्री बराबर प्रयास कर रहे हैं. यही कारण है कि बिहार के विकास की चर्चा देश ही नहीं विदेशों में की जा रही है. शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य से लेकर विधि व्यवस्था सभी क्षेत्रों में बदलाव दिख रहा है.
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