वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेट पाए जाने का दावा किया है। पहले माना जाता था कि ये प्लेट सिर्फ पृथ्वी की सतह में मौजूद होती हैं।
कैलिफोर्निया, लॉस एंजिलिस विश्वविद्यालय के एक शोधार्थी ने पाया कि लाल गृह की सतह पर भी भौगोलिक घटनाएं हुई, जिनमें ग्रह की सतह के नीचे की विशाल क्रस्टल प्लेटों का सरकना शामिल है।
शोध से जुड़े प्रोफेसर एन यिन ने कहा कि मंगल ग्रह टेक्टोनिक प्लेट की शुरुआती अवस्था में हैं। इससे हमें यह संकेत मिलता है कि पहले पृथ्वी कैसी दिखती रही होगी और पृथ्वी पर इन टेक्टोनिक प्लेटों की शुरुआत कैसे हुई होगी।
विश्वविद्यालय में पृथ्वी और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रोफेसर यिन ने नासा के अंतरिक्षयान थेमिस (टाइम हिस्ट्री ऑफ इवेन्टस एंड मैक्रोस्केल इंटरैक्शन्स डयूरिंग सबस्टॉर्म्स-टीएचईएमआईएस) की ओर से ली गई तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यह कहा है। यिन ने नासा के मार्स रेकनाइसेन्स ऑर्बिटर में लगे एचआईआरआईएसई (हाई रिजोल्यूशन इमैजिंग साइंस एक्सपेरिमेंट) से मिली तस्वीरों का भी विश्लेषण किया। उन्होंने उपग्रहों के जरिए ली गईं करीब 100 तस्वीरों का अध्ययन किया और इनमें से करीब दर्जन भर में टेक्टोनिक्स प्लेट के संकेत मिले। यिन ने हिमालय पर्वत श्रंखला और तिब्बत में भूभौतिकी शोध किए हैं जहां पृथ्वी की सात प्रमुख प्लेटों में से दो प्लेटें विभाजित होती हैं।
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