11वीं योजना का विकास सराहनीय था : PM - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 15 सितंबर 2012

11वीं योजना का विकास सराहनीय था : PM


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि 11वीं योजना में 7.9 प्रतिशत की विकास दर सराहनीय थी। मनमोहन ने शनिवार को योजना आयोग की एक बैठक में कहा कि जिस अवधि के दौरान दो वैश्विक मंदियां सामने आई हों, उस दौरान यह विकास दर प्रशंसनीय थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 12वीं योजना का लक्ष्य नौ प्रतिशत से घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसमें कृषि विकास दर का लक्ष्य चार प्रतिशत रखा गया है।

मनमोहन ने कहा कि 2004-05 और 2009-10 के बीच पहले के 10 वर्षो की बनिस्बत गरीबी में दोगुना कमी आई है। मनमोहन ने विकास में दलितों, जनजातियों और पिछड़ी जातियों को शामिल करने पर जोर दिया और कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ जीडीपी का विकास करना नहीं है, बल्कि समग्र व स्थिर विकास करने का है।"

कोई टिप्पणी नहीं: