दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 17 सितंबर 2012

दोहे और उक्तियाँ !!

कबीर गुरु की भक्ति का, मन में बहुत हुलास।
मन मनसा माजै नहीं, होन चहत है दास।। 
-कबीर- 

1 टिप्पणी:

Unknown ने कहा…

waah kabir saheb ne hulaas shabd ka estemaal kre bahut gehra banaya es dohe ko ......waah