जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी सफलता के तहत एक शीर्ष उग्रवादी को गिरफ्तार किया है। संदेह है कि इस उग्रवादी ने वर्ष 1999 में आईसी-814 के अपहरणकर्ताओं की मदद की थी और पिछले 25 वर्षों से राज्य में अपनी गतिविधियां चला रहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन और माफिया सरगना दाउद इब्राहिम के करीबी मेहराजुद्दीन उर्फ जावेद को एक अभियान के दौरान किश्तवाड़ के जंगल वाले इलाके से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने कहा कि मेहराजुद्दीन का नाम आईसी-814 के अपहरण मामले में भी आया था। उसने नेपाल से इस भारतीय विमान को अपह्त कर कंधार ले जाने में अपहरणकर्ताओं को साजो सामान मुहैया कराया था। इंडियन एयरलाइंस के इस विमान ने 24 दिसंबर 1999 को नेपाल से उड़ान भरी था। जैसे ही वह भारत की सीमा में पहुंचा, अपहरणकर्ताओं ने उसका अपहरण कर लिया और कंधार ले गए। विमान में सवार ज्यादातर यात्री भारतीय थे। उन्होंने एक यात्री की भी हत्या कर दी थी।
भारत सरकार ने यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए मौलाना मसूद अजहर और अहमद उमर सईद शेख समेत तीन आतंकवादियों को छोड़ा था। हथियारों का प्रशिक्षण पाने के बाद वर्ष 1987 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर आने वाले पांच उग्रवादियों के पहले समूह में सलाउद्दीन और मेहराजुद्दीन भी शामिल थे। वह उत्तरी कश्मीर के उग्रवाद प्रभावित सोपोर शहर का रहने वाला है और कई उग्रवादी संगठनों के शीर्ष संगठन यूजेसी का सदस्य है।
पूछताछ के दौरान मेहराजुद्दीन ने सैयद सलाउद्दीन और दाउद के साथ अपने संबंधों के बारे में बताया है। दाउद भारत द्वारा पाकिस्तान को सौंपी गई 20 सर्वाधिक वांछित लोगों की सूची में शामिल है। पुलिस ने इसे बड़ी सफलता कहा है। मेहराजुद्दीन ने इस्लामिक फ्रंट, मुस्लिम मुजाहिद्दीन, हिज्बुल मुजाहिद्दीन समेत लगभग सभी उग्रवादी संगठनों के लिए काम किया है।
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