झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने निर्देश दिये कि एक सप्ताह के भीतर पूरे राज्य में खराब पड़े बिजली के ट्रांसफार्मरों का पता लगाया जाए. साथ ही उन्हें बदलने की कार्य योजना भी बनायी जाये.
बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने विभागीय अधिकारियों को निर्देश किया कि वह एक सप्ताह में यह सुनिश्चित करें कि किस जिले में कितने ट्रांसफार्मर जले या खराब हुए है. उन्हें कब बदला गया या बदले जाने की योजना है. उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता से कोई समझौता नही होना चाहिए.
बिजली वितरण की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है. वितरण को भी पब्लिक डोमेन में डाले. यह प्रतिदिन अपडेट होना चाहिए. एमआईएस का निर्माण 15 नवम्बर 12 तक सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के सघन निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले के 20-20 गांव का सर्वेक्षण कराते हुए विद्युत आपूर्ति एवं मांग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं और मॉनिटरिंग प्रणाली सुदृढ करें.
विभाग को 15 नवम्बर 2012 तक का समय देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे बोर्ड का प्रबंधन पारदर्शी होना चाहिए.
बैठक में बताया गया कि राज्य में ऊर्जा नीति 2012 अधिसूचित कर दी गई है. सौर उर्जा नीति भी अगले दो माह में तैयार कर ली जायेगी. चौतीस मेगावाट क्षमता की लघु विद्युत परियोजनओं की तैयारी की जा रही है इसके लिए दिसम्बर माह में निविदा निकाली जायेगी. राज्य स्तरीय सौर उर्जा पार्क बन कर तैयार है. डीएफ ‘डिस्ट्रीब्यूशन फेंचाईजी’ की नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है.
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