सीबीआई ने एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अरविंद जायसवाल से सोमवार को उनकी कंपनी को महाराष्ट्र के बंदेर कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं के बारे में पूछताछ की। जांच एजेंसी की प्राथमिकी में जायसवाल का नाम लिया गया है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने तथ्यों को छिपाया और गलत तरीके से पेश किया कि उसके समूह की फर्मों को पहले ही कोयला ब्लॉक आवंटित हो चुके हैं तथा वह वित्तीय रूप से ब्लॉक पाने की योग्यता रखती है।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी कंपनी के अन्य निदेशकों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है, जिसमें उसके भाई मनोज तथा कांग्रेस सांसद विजद दर्डा के पुत्र देवेन्द्र शामिल है। वे भी कंपनी के खिलाफ मामले में आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि जायसवाल से इन आरोपों के सिलसिले में पूछताछ की गयी है कि कंपनी ने ब्लॉक हासिल करने के मकसद से कथित तौर पर वित्तीय योग्यता साबित करने के लिए यह गलत दावा किया कि उसने लोकमत समूह और आईएलएफस के साथ मिलकर विशेष कंपनी का गठन प्रस्तावित किया है। उसने प्रस्तावित विशेष कंपनी के संयुक्त नेटवर्थ को कंपनी का नेटवर्थ बताया। विजय दर्डा ने अपने खिलाफ सभी आरोपों से इंकार किया है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने गलत ढंग से और जानबूझकर इस तथ्य को छिपाया कि उसके समूह की कंपनियों को पहले ही पांच ब्लॉक आवंटित किये जा चुके हैं। इसके पीछे मकसद यह था कि इस बारे में पड़ताल से बचा जा सके, क्योंकि ऐसा होने पर उसका दावा कमजोर पड़ जायेगा। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी के प्रतिनधियों ने कोयला राज्य मंत्री से उनके चेम्बर में मुलाकात की थी तथा स्वीकार किया था कि पहले उन्हें पांच कोयला ब्लॉक आवंटित किये गये थे।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें