सरकार टीईटी उतीर्ण सभी अभ्यर्थियों का नियोजन करे: संगठन
शिक्षक पात्रता परीक्षा उतीर्ण अभ्यर्थी संगठन (टीईटी और एसटीईटी) की आपात बैठक नरकटियागंज पोखरा चौक स्थित रामजानकी मंदिर अहाता मंे पुुर्वाह्न 11 बजे आयोजित की गयी है। संगठन के कार्यालय सचिव प्रशांत अमीत उर्फ गोल्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि पात्रता परीक्षा उतीर्ण होने के बावजूद सभी अभ्यर्थी शिक्षक बन पाएंगें यह संभव प्रतीत नहीं होता। क्योंकि सरकार ने आकंठ भ्रष्टाचार मंे डूबी नियोजन ईकाइयों को शिक्षक नियोजन का अधिकार दे दिया है,जो न्याय संगत नहीं है। कार्यालय सचिव ने विज्ञप्ति के द्वारा चेतावनी दी है कि यदि सरकार 26 नवम्बर 2012 के पूर्व नियोजन के नियमो मंे संशोधन सभी उतीर्ण अभ्यर्थियों का नियोजन सुनिश्चित नहीं करती है तो 26 नवम्बर 2012 को पटना गाँधी मैदान में ”शिक्षक नियुक्ति अधिकार रैली“का आयोजन किया जाएगा।
मसूर प्रतिरक्षण बीज का वितरण
प्रखण्ड में रबी महोत्सव के तहत किसानो के बीच दलहन मसूर के बीज का 450 रूपये ंशुल्क के साथ वितरण किया गया है। प्रखण्ड कार्यालय सूत्रो के अनुसार 150 किसानो के बीच मसुर बीज का वितरण प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी द्वारा किया गया। मसूर प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत मसूर बीज का वितरण किया गया। जिसमें प्रखण्ड प्रमुख कसीना खातून, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी विजेन्द्र सिंह, एसएमएस रामकुमार मिश्र,संजय मिश्र,राज कुमार श्रीवास्तव और कृषि सलाहकार पौरूष पाण्डेय,शशिभूषण श्रीवास्तव, उपस्थित रहे।
कम वजन के मसूर बीज पैकेट का किसानो के बीच वितरण
सरकार किसानो को राहत देने की योजनाए चला रही है तो प्रखण्ड के कर्मी किसानो को गुमराह और ठगने का काम कर रहे है। वाकया है किसानो के बीच मसूर प्रतिरक्षण बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान किसानो को दिया जाने वाला मसूर व दवा केे पैकेट की तौल में कमी का। बीज वितरण खत्म होने के उपरान्त किसानो ने महसूस किया कि जो बीज का पैकेट सरकार द्वारा मुहैया कराया गया वह कम है तो किसान प्रखण्ड के पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल के साथ शशि कुमार राय, सुलेमान मियां और राकेश कुमार के पास पहुंचे और वे सब मिलकर प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी के समक्ष बीज पैकेट की तौल करायी गयी । बीज तौल के दौरान प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी बिजेन्द्र सिंह और अन्य गणमान्य मौजूद रहे उन लोगो ने पाया कि एक पैकेट मसूर 18 किलोग्राम दवा के साथ पैकेट की जगह 15.5 किलोग्राम ही पाया गया । जिसका विरोध किसानो ने किया तो प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी ने पैकेट में बीज की मात्रा कम होने की बात स्वीकार करते हुए समिति को लिखित स्वीकारोक्ति दी । उसके बाद किसानो ने बकाये मात्रा की राशि का भुगतान वापस करने की मांग की है।
वरीय अधिकारियों ने भूमि विवाद सुलझाया
- सौहार्दपुर्ण वातावरण बना,गिले शिकवे भूल गले मिले दोनो पक्ष
प्रखण्ड के बहुअरवा में उत्पन्न दो पक्षो में भूमि विवाद को आज प्रशासन ने निपटा लेने का दावा किया है। बताते है कि बाबूजान मंसूरी की जमीन जिसका खाता 93 और खेसरा 383 और 377 है और रकबा एक कठ्ठा तीन धूर है जबकि महाबीरी अखाडा के सचिव व अध्यक्ष उमाशंकर दूबे की जमीन जिसका खाता 60 खेसरा 379,380 और 381 जिसका रकबा एक कठ्ठा पाँच धूर है तथा शेष भूमि आम गैरमजरूआ है जिसका खाता 2 और खेसरा 383 है। दोनो पक्ष अपने अपने जमीन पर काबीज होंगे और सरकारी जमीन आम परती कदीम रहेगा। उक्त परती रहने वाले जमीन पर ही मुख्य रूप से विवाद था। विवादित भूमि की पैमाईश के दौरान अपर समाहर्ता विनोद कुमार झा,एसडीएम महमूद आलम,अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार,भूमि सुधार उप समाहर्ता एसएस पाण्डेय, अंचलाधिकारी अवध किशोर ठाकुर, अंचल निरीक्षक डॉ.चन्द्रशेखर तिवारी शिकारपुरथाना के हिमांशु कुमार सिंह समेंत सैप और जिला बल के जवानो की मौजूदगी में दोनो पक्षो के पंच उमेश पासवान,अनिल कुशवाहा ,तेगा प्रसाद,मंशी प्रसाद,बाबूजान मंसूरी,रफीक मिया,मंसूर मियां,मदीश मियां के अलावे अन्य लोगो के समक्ष जमीन की पैमाईश कराई गयी। जिसपर दोनो पक्ष सहमत हुए और दोनो इस बात पर राजी हो गये कि उक्त जमीन पर न मस्जिद रहेगा और नही अखाड़ा होगा।
(अवधेश कुमार शर्मा)
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