नरकटियागंज (बिहार) की खबर (04 नवम्बर ) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 4 नवंबर 2012

नरकटियागंज (बिहार) की खबर (04 नवम्बर )


चम्पारण की तरक्की से जुड़ा है देश की तरक्की: पाण्डेय

यहाँ विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ, महिला चिकित्सक नही, नगर भवन नहीं, यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि चम्पारण का आयात में पूरे देश को अच्छा सहयोग प्राप्त है अलबŸाा निर्यात में चम्पारण का योगदान नगण्य है। अमूमन चम्पारण में अकूत कृषि सम्पदा है, लेकिन चम्पारण के किसान, व्यवसायी और मजदूर बदहाल है आजादी के बाद हमने करीब सभी पार्टियों को सŸाा में बिठाया है । सरकारंे आती रही और जाती रहीं है, पर किसी ने चम्पारण के विकास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया। यहाँ कि आर्थिक बुनियाद चरमरा गयी है । अपनी सरकार अर्थात लोकतांत्रिक व्यवस्था में हमने अंग्रेजो की आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त कर डाला जिनके समय में हम चावल और गन्ना में अपना स्थान रखते थे। आज हमारे यहाँ चम्पारण में मात्र छव चीनी मिलें चल रही हैं। राईस मिलों की बात ही मत पुछिए चावल की राजधानी चनपटिया में अब चावल उद्योग मृत प्राय है। नरकटियागंज की भगवान राईस मिल, मुस्तफा राईस मिल, बिस्मिल्लाह राईस मिल सभी नामचीन मिले बन्द हो गयी। लेकिन मानव ईच्छाशक्ति से काम लें तो यहाँ क्या नहीं किया जा सकता है! नरकटियागंज के लौरिया में पर्यटन विकास की असीम सम्भावनाएँ है। सोमेश्वर की पहाड़ियाँ, वाल्मीकिनगर की सुरम्यवादियाँ, भिखनाठोरी  हिलस्टेशन और भतुजला की जंगली वादियाँ, सरेयाँमन की नौका विहार, सागर पोखरा में पार्किंग की व्यस्था पर्यटन उद्योग की खासी सम्भावनाएँ है। उक्त बातें पूर्व पेट्रोलियम सचिव चम्पारण के सपूत आर.एस.पाण्डेय ने अनौपचारिक यात्रा के दौरान नरकटियागंज के सुधीर जायसवाल के निवास पर पत्रकारों को बताया। उन्होने कहा कि चम्पारण के विकास के बिना राष्ट्र का विकास संभव  नहीं, मै किसी पार्टी या सरकार का समर्थक या  विरोधी नहीं हूँ, पहले सेवा में रहकर भी देश और राज्य के लिए काम किया हंु और अब सेवा निवृत होने के बाद क्षेत्र के विकास के लिए कृत संकल्पित हूँ। हमारे क्षेत्र में कृषि, उद्योग और अन्य सेवाएँ उपलब्ध है लेकिन उसका निर्यात नहीं है जिसके कारण क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है । पेट्रोलियम सचिव के पद पर रहते हुए हमने गोरखपुर-बेतिया पाईपलाइन योजना की स्वीकृति दिलाई है यदि यह योजना सफल हो  गयी तो बेतिया में कलान्तर 1000 मेंगावाट विद्युत का उत्पादन होगा । चम्पारण की आबादी करीब एक करोड़ है और देश की आबादी एक अरब 28 करोड़ अर्थात पूरे देश में हम एक प्रतिशत है तो देश की विकास का एक प्रतिशत और पूरे देश के निर्यात का एक प्रतिशत हिस्सेदारी हमारी होनी चाहिए।  इससे क्षेत्र में सरकारी और निजी क्षेत्र के उद्योगपति उद्योग लगाएंगे और यहाँ के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया हो सकेगा। उनके साथ गोरख विद्यार्थी, सुरेन्द्र जायसवाल,सुधीर कुमार, जायसवाल, बिनोद गुप्ता, म.मिस्टर, प्रो.भागवत उपाध्याय, रमण मिश्र, राहुल मिश्र, डॉ. कवि, डॉ.बृजेश तिवारी, देवेन्द्र पाण्डेय रहे। उनके साथ विचार विमर्श करने वालों में भागवत उपाध्याय, ए.के.शर्मा, मुन्नीलाल राम, कन्हैया अग्रवाल, गोरख विद्यार्थी मुख्य है। उसके बाद श्री पाण्डेय केहुनिया को प्रस्थान कर गये जहाँ वे डाका काण्ड के पीड़ितो से मिले। वहाँ के तालाब में जाड़े के मौसम में प्रवासी साईबेरियन पंछियों का आगमन होता है ।

चाचा और भतीजी जख्मी

शिकारपुर थाना क्षेत्र के कटघरवा गाँव क पास ट्रैक्टर दुर्घटना में एक लड़की समेंत दो लोगो के घायल होने की खबर मिली है। इस बावत बताया गया है कि पिंड़ारी गाँव निवासी औरंगजेब अंसारी अपने भाई की पुत्री शबनम खातून के साथ हीरो होण्डा मोटर साईकिल पर सवार होकर नरकटियागंज से अपने घर जा रहे थे । इसी दौरान कटघरवा गाँव के पास एक ट्रैक्टर ने उन्हे ठोकर मार दी । जिससे दोनो बुरी तरह जख्मी हो गये और ग्रामीण उन्हे सरकारी असपताल में भर्ती कराया है । चिकित्सको ने चाचा और भतीजी को खतरे से बाहर बताया है ।

बच्चा समेत चार घायल

नरकटियागंज अनुमण्डल के मुरली खरकटवा गाँव में भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट में फुलभंजन, आरती देवी, अवधेश पटेल और आठ वर्षीय सुरेश पटेल घायल हो गये जिनका ईलाज सरकारी अस्पताल में किया गया।

ग्रामीणो ने आरोपी को किया पुलिस के हवाले

स्थानीय शिकारपुर थाना क्षेत्र के कोईरगाँवा के लोगों ने मुन्ना साह जो मानपुर थाना क्षेत्र के झींगना गाँव का रहने वाला है को पकड़कर शिकारपुर पुलिस के हवाले कर दिया है । ग्रामीण बताते है कि गुरूवार की रात मुन्ना साह ने गाँव की एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म किया है, जबकि मुन्ना ने इससे इनकार किया है। इधर शिकारपुर पुलिस थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय भवन निर्माण के नाम पर राशि की निकासी हंगामा

गौनाहा प्रखण्ड मुख्यालय स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (बालक) के प्रधान अध्यापक शिवशंकर प्रसाद चौहान और सचिव गिरजा देवी ने भवन निर्माण के नाम पर चार लाख रूपये की निकासी कर राशि का बन्दरबाँट करने का मामला  सामने आया है। सूत्र बताते है कि गौनाहा बालक प्राथमिक विद्यालय के खाता से उक्त राशि की निकासी के उपरान्त विद्यालय के पोषक क्षेत्र की जनता ने काफी हंगामा खड़ा किया था । क्योकि भवन निर्माण नहीं करने के बावजूद राशि की निकासी कर लिया गया है जबकि विद्यालय संचालन समिति को इस बात की कोई जानकारी नही है। इस बाबत प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी चन्द्रेश्वर प्रसाद मंडल ने बताया मामले की विभागीय जाँच के उपरान्त कोई कार्रवाई की जाएगी।

कम वजन के मसूर बीज पैकेट का किसानो के बीच वितरण, हंगामा

सरकार किसानो को राहत देने की योजनाए चला रही है तो प्रखण्ड के कर्मी किसानो को गुमराह और ठगने का काम कर रहे है। वाकया है किसानो के बीच मसूर प्रतिरक्षण बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान किसानो को दिया जाने वाला मसूर व दवा केे पैकेट की तौल में कमी का। बीज वितरण खत्म होने के उपरान्त किसानो ने महसूस किया कि जो बीज का पैकेट सरकार द्वारा मुहैया कराया गया वह कम है तो किसान प्रखण्ड के पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल के साथ शशि कुमार राय, सुलेमान मियां और राकेश कुमार के पास पहुंचे और वे सब मिलकर प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी के समक्ष बीज पैकेट की तौल करायी गयी । बीज तौल के दौरान प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी बिजेन्द्र सिंह और अन्य गणमान्य मौजूद रहे  उन लोगो ने पाया कि एक पैकेट मसूर 18 किलोग्राम दवा के साथ पैकेट की जगह 15.5 किलोग्राम ही पाया गया । जिसका विरोध किसानो ने किया तो प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी ने पैकेट में बीज की मात्रा कम होने की बात स्वीकार करते हुए समिति को लिखित स्वीकारोक्ति दी । उसके बाद किसानो ने बकाये मात्रा की राशि का भुगतान वापस करने की मांग की है।  


(अवधेश कुमार शर्मा)

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