राष्ट्र की गरिमा के लिए प्रयोगधर्मिता बन्द करे सरकार
- युवा शिक्षा ग्रहण करें, सिर्फ नौकरी की नही सोचें, प्रतियोगी बने और देश के लिए सोचे
वर्तमान शिक्षा: दशा और दिशा विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन शहर की एक प्रतियोगी शिक्षण संस्थान ”सृजन“ के तत्वाधान में स्थानीय टी.पी.वर्मा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। भारत के प्रथम शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 125 वी जयन्ती के अवसर पर आयोजित सेमिनार में भारत की वर्तमान शिक्षा नीति पर गहन विचार विमर्श किया गया। वर्तमान शिक्षा नीति जो एक प्रयोगधर्मी नीति करार दिया गया । वक्ताओ ने कहा कि आज शिक्षा नीति सबके लिए बना तो दी गयी है लेकिन यह सबके लिए समान नहीं है । युवा वक्ता और हिन्दी साहित्य के नवोदित डॉ.संजय कुमार यादव ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि शिक्षा के मायने बदल गये है, हम पहले की अपेक्षा ज्यादा शिक्षित है, उन्होने मैकाले की शिक्षा नीति का समर्थन किया। उनके विचार से कतिपय युवा और वृद्ध असहमत दिखे, लेकिन अधिकांश ने उनके विचारो का साथ दिया और आगे डॉ.यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियाँ शिक्षा के वर्तमान दशा के लिए जिम्मेदार है। मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्व विद्यालय के हिन्दी के प्रो.सतीश राय ने कहा कि हमारा भारत विद्यादान में विश्वगुरू रहा है। लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति ने हमे शिक्षित किया है, जिससे हम शिक्षा के उपरान्त नौकरी की तलाश करते है । हम सबकी इच्छा होती है कि सरदार भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद इस देश में पैदा हों लेकिन अपने घर में नही पड़ोसी के घर क्योकि स्वयं के घर में कमाउपूत चाहिए। इस प्रकार की सोच से नही समाज का कल्याण होगा न देश का और न शिक्षा की दशा और दिशा ही। जबतक ऐसी मंशा बनी रहेगी तबतक एकलव्य को अपना अंगूठा तो कटवाना पड़ेगा। देश में एक समान शिक्षा नहीं फिर भी एक समान प्रतियोगिता परीक्षाएँ देनी पड़ती है। वर्तमान शिक्षा वास्तव में कल्याणकारी नहीं होकर सत्ता की संरक्षक और पोषक बन कर रह गयी है। सरकार केन्द्र की हो अथवा राज्य की उन्हे कुर्सी का मोह त्यागकर राष्ट्रहित में नीति बनानी होगी । आजादी के बाद भी स्वयं को गुलाम मानसिकता से जोड़ते हुए गर्वान्वित होना अच्छा लगता है। विदेशो में यदि कोई पढ़ने जाता है तो उन्हें उस देश की भाषा का इन्ट्रेन्स परीक्षा पास करनी होती है, संभवतः हमारा मुल्क दुनिया का ऐसा पहला देश है जहाँ आकर कोई शिक्षा प्राप्त करे लेकिन हिन्दी की इन्ट्रेन्स परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं है। यह है देश की शिक्षा व्यवस्था, जहां अपने घर में मातृभाषा उपेक्षित है । देश में शिक्षा की जो व्यवस्था है उससे आने वाले भविष्य में शिक्षा देने वाले को शायद ढूंढना पड़ेगा। इसलिए इसकी (शिक्षा) की दशा सुधारने के लिए नौजवानो को आगे आना होगा तब जाकर शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और इसके लिए सरकार को प्रयोगधर्मी शिक्षा नीति को बदलनी होगी। विचार गोष्ठी में डॉ.प्रो. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी परमेश्वर भक्त,एवं भोंट चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त किया । उन लोगो ने सृजन के निदेशक गोपाल प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारा पिछड़ा क्षेत्र एक मिशाल कायम करे कि दुनिया इससे सीख लें। सेमिनार का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक सतीश चन्द्र दूबे ने दीप प्रज्जवलीत कर किया, उनके साथ प्रो.सतीश राय, प्रो.परमेश्वर भक्त, म.सनाउल्लाह, प्रो.भागवत उपाध्याय और डॉ.संजय कुमार यादव के अलावे अन्य विद्वतजन उपस्थित रहे। उसके बाद सृजन के निदेशक गोपाल प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने सहयोगियो के साथ आगत अतिथियों की गुलपोशी की।
अजगर पकड़कर सौंपा
गौनाहा प्रखण्ड के रूपवलिया गाँव के लोगो ने एक जंगली अजगर को पकड़कर वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है। सूत्र बताते है कि शनिवार को किसी किसान ने खेत में एक बड़ा सांप देखा और चिल्लाया तो गाँव के लोगो ने उसे पकड़ा उसके बाद काफी उधेड़बुन के बाद वन विभाग के मंगूराहा वनक्षेत्र पदाधिकारी को सौंप दियां।
बेतिया एसपी सुनिल नायक इलेवन 4 विकेट से विजयी
स्व.नीरज मेेमोरियल चम्पारण चैम्पियन क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच का आयोजन स्थानीय रेलवे मध्य विद्यालय के मैदान पर खेला गया । जिसमे बेतिया पुलिस जिला के एसपी सुनील कुमार नायक मेंघावत ने 39 रन बनाया । मैच मैनाटाड़ क्रिकेट क्लब और सुनील नायक इलेवन के बीच खेला गया । टॉस मैनाटांड ने जीत कर क्षेत्र रक्षण करने का निर्णय लिया बल्लेबाजी करते हुए मैनाटांड ने 20 ओवर में 120 रन बना कर ऑल आउट हो गयी । उधर एसपी इलेवन ने 19 ओवर में छव विकेट खो कर 121 रन बनाया, जिसमंे एसपी ने 39 रन बनाया । विजेता टीम को लौरिया के विधायक विनय बिहारी ट्रॉफी प्रदान किया। टूर्नामेन्ट मे मैन ऑफ द मैच सुनिल कुमार नायक मेघावत को टीम के लिए 40 रन जोड़ने के लिए दिया गया। स्व.नीरज श्रीवास्तव मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेन्ट के मुख्य मुकाबले में विजेता टीम के प्रकाश कुमार को दिया गया , उन्होने पूरी सीरिज मे 92 रन बनाया और 4 विकेट लिया। आयोजनकर्ताओ में पंकज कुमार ,जाहिद हुसैन, प्रशांत कुमार, रवि रिचर्ड, अंशु कुमार, फरमान आलम, कुणाल कुमार, इमरान आलम मुख्य है ।
(अवधेश कुमार शर्मा)
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