झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने बुधवार को अपनी वह मांग फिर से दोहराई जिसमें उन्होंने कहा था कि जनवरी महीने में 28 महीने बाद प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-झामुमो गठबंधन सरकार में नेतृत्व परिवर्तन होगा। सोरेन ने बोकारो में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अगले साल जनवरी में नई सरकार झामुमो के नेतृत्व में बनेगी।"
उनसे जब यह पूछा गया कि यदि भाजपा ने सत्ता हस्तांतरण नहीं किया तो इस स्थिति में झामुमो का क्या रुख रहेगा, उन्होंने कहा, "हम सरकार बनाने का विकल्प तलाशेंगे नहीं तो फिर चुनाव में जाएंगे।" क्या वह कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) से हाथ मिलाएंगे तो इसके जवाब में सोरेन ने कहा, "सरकार बनाने के लिए हम किसी के भी साथ जा सकते हैं।"
वर्ष 2010 के सितम्बर महीने में भाजपा ने झामुमो और ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के समर्थन से सरकार बनाई थी। भाजपा झामुमो प्रमुख के दावे को अब तक नकारती रही है कि सत्ता हस्तांतरण के संबंध में ऐसा कोई समझौता हुआ था।
इसके बावजूद सोरेन लगातार सत्ता हस्तांतरण की बात कहते आ रहे हैं। सोरेन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के नेता राजेंद्र प्रसाद ने कहा, "यदि अर्जुन मुंडा की सरकार गिरती है तो कांग्रेस नहीं चाहेगी कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो।"
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