भारत की सर्वोच्च अदालत ने फ़िल्म निर्देशक मधुर भंडारकर के खिलाफ लगे बलात्कार के ओरोपों को ख़ारिज कर दिया है. मधुर भंडारकर ने सर्वोच्च अदालत में अर्जी लगाते हुए कहा था कि इस मामले में जांच की सही प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और सिर्फ़ पीड़ित के ब्यान पर ये मामला दर्ज किया गया है.
मॉडल और अभिनेत्री प्रीति जैन ने 2004 में आरोप लगाए थे कि फ़िल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने उन्हें फ़िल्म में लीड रोल देने और शादी का झांसा देकर उनके साथ बलात्कार किया. मॉडल प्रीति जैन ने भी कहा है कि वो इस मुकदमे को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रखतीं.
पिछले साल ही मुंबई मैट्रोपोलिटन अदालत ने पाया था कि मधुर भंडारकर के खिलाफ मुकदमा चलाने जाने के पर्याप्त सबूत हैं. जिसके बाद मधुर भंडारकर को अग्रिम जमानत लेनी पड़ी थी. इसके बाद मार्च 2012 में मधुर भंडारकर ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए इस मामले को बंद करने की अपील की थी. जिसे अदालत ने नकार दिया था. बॉम्बे अदालत द्वारा अर्जी नकारे जाने के बाद मधुर भंडारकर ने सर्वोच्च अदालत में अपील की थी, जहां से उन्हे ये राहत मिली है.
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