पाकिस्तानी अधिकारियों ने माना है कि मुंबई हमलों को अंजाम देने के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किया था। पाकिस्तानी मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के अधिकारियों (पांच इंस्पेक्टर्स) ने रावलपिंडी की एंटी टेररिज्म कोर्ट में बताया कि इस हमले के लिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'लश्कर' ने कराची समेत देश के कई हिस्सों में आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी। इन पांच इंस्पेक्टर्स ने जानकारी में हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी, शाहिद जमील रियाज, मजहर इकबाल उर्फ अबु अल कामा, हम्माद अमीर सादिक, अब्दुल वाजिद उर्फ जरार शाह के नाम भी लिए थे।
पाकिस्तान जांच अधिकारियों का कहना था कि भारत जाने से पहले आतंकियों ने लश्कर-ए-तैयबा से कराची में ही समुद्री सफर के लिए जरूरी ट्रेनिंग हासिल की थी। गौरतलब है कि मुंबई हमलों की जांच कर रही पाकिस्तान की फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने इस केस में रावलपिंडी स्थित एटीसी कोर्ट से हर दिन सुनवाई करने का अनुरोध किया था। इसके अलावा पाकिस्तान सरकार कानून में भी सुधार करने की कोशिश कर रही है, ताकि आरोपियों की सहमति के बिना ही उनके वॉयस सैंपल लिए जा सकें। इससे पूर्व भारत कई बार हमलों से जुड़े आरोपियों के वॉयस सैंपल मांग चुका है। भारत को सहयोग देने के लिए पाकिस्तान के ओर से लगातार सकरात्मक रुख देखा जा रहा है।
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