इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ताज कॉरिडोर मामले में आज उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को बड़ी राहत दे दी है। हाई कोर्ट ने केस के मैरिट पर फैसला देते हुए मायावती के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। मायावती के खिलाफ ताज कॉरिडोर मामले में कोई केस नहीं चलेगा।
बीएसपी के नेता और मायावती के वकील सतीश चंद्र मिश्र ने हाई कोर्ट के फैसले पर कहा कि ताज कॉरिडोर मामले में सात याचिका दायर की गई थीं। जिसमें मांग की गई थी कि मायावती के खिलाफ केस चलाया जाए। मिश्र ने बताया कि जबकि कोर्ट के सामने मायावती की ओर से कहा गया कि राजनीतिक वजह से याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने मैरिट के आधार पर ताज कॉरिडोर मामले में मायावती के खिलाफ कोई दोष नहीं पाया और सभी याचिका को खारिज कर दिया है।
सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि हाई कोर्ट को बताया गया कि मायावती के सामने ताज कॉरिडोर की फाइल कभी नहीं रखी गई। ताज कॉरिडोर में सिर्फ सड़क बनाने की योजना थी बिल्डिंग बनाने की नहीं। उन्होंने बताया कि ताज कॉरिडोर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साल 2007 में चार मुकदमे खारिज कर दिए थे। ताज कॉरिडोर मामले में एक भी आरोप मायावती के ऊपर नहीं बनता था। अब मैरिट के आधार पर लखनऊ हाईकोर्ट की इलाहाबाद बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है। मिश्र ने कहा कि ताज कॉरिडोर मामले में सीबीआई भी मायावती के खिलाफ कोई गलती नहीं निकाल पाई थी। सीबीआई ने भी रिपोर्ट में कहा था कि अधिकारियों ने गलतियां की थीं। मालूम हो कि साल 2003 में पर्यावरण विभाग की मंजूरी के बगैर ताज कॉरिडोर योजना चालू की गई थी। जिसमें करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप लगे थे।
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