भगवान राम को बुरा पति करार देने वाले अपने बयान पर बीजेपी नेता राम जेठमलानी अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा है कि उनके बयान में कुछ भी गलत नहीं है और वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने उस विवादास्पद बयान से आगे बढ़कर यह भी कहा है कि उन्हें पता नहीं राम हुए भी थे या नहीं।
सीएनएनआईबीएन पर करण थापर के शो 'डेविल्ड ऐडवोकेट' में अपना पक्ष रखते हुए जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने यह बयान गलती से नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि इस बयान का मकसद किसी भी रूप में बीजेपी को परेशानी में डालना नहीं है। यह उनकी सुविचारित राय है और वह इस पर कायम हैं। इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि राम की ऐतिहासिकता को लेकर भी उनके मन में संदेह है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता नहीं राम सचमुच हुए भी थे या नहीं।'
उधर बीजेपी ने भले ही खुद को जेठमलानी के बयान से अलग दिखाने की कोशिश की हो, पर उसके नेता अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं। पार्टी के एक नेता विनय कटियार ने जेठमलानी के बयान से आंशिक सहमति जताते हुए कहा कि भगवान राम ने माता सीता को उन हालात में घर से निकालकर ठीक नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब सीता माता गर्भवती थीं तो राम ने एक शख्स के कहने पर उन्हें घर से निकाल दिया था, जबकि वह अग्नि परीक्षा देकर आई थीं। उन्होंने कहा, 'तो मैं भी यही कहता हूं कि गर्भवती सीता माता को बाहर नहीं निकालना चाहिए था और इस पर बहुत से लोग राम के इस कदम से आज भी सहमत नहीं है, इस पर आज भी बहुत से मतभेद हैं।' दूसरी तरफ बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राम जेठमलानी का नाम राम से शुरू होता है। अगर वो भगवान राम से अपरिचित हैं तो मैं इस पर कोई बयान नहीं दूंगा।
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