भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को कमजोर करना कांग्रेस पर भारी पड़ सकता है। सीएजी जैसी संवैधानिक संस्थाओं के अधिकार कम करने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, "सीएजी के अधिकार कम करने से घोटाले समाप्त नहीं होंगे, बल्कि ऐसी कोशिशों से कांग्रेस पर विपरीत असर पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि सीएजी को कई सदस्यों वाली इकाई बनाने के सरकार के प्रयास का उद्देश्य इसके प्राधिकार को कमजोर करना है। भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी सीएजी की स्वतंत्रता को पचा नहीं पा रही है। इसलिए इसे कई सदस्यीय इकाई बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नायडू ने कहा, "पूर्व में मुख्य सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति के दौरान सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति (पी. जे. थॉमस) को इस पद पर बिठाने की कोशिश की, जिनके खिलाफ जांच चल रही थी।"
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब-जब मुश्किलों में घिरी सरकार ने संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया। 2जी स्पेक्ट्रम एवं कोयला ब्लॉक आवंटन तथा राष्ट्रमंडल खेल आयोजन घोटाले को लेकर सीएजी ने जो तथ्य उजागर किए, उन्हें लेकर प्रधानमंत्री से लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों तक ने इस संवैधानिक संस्था के पर कतरने की कोशिश की।
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