लोकसभा में गुरुवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस का मुद्दा उठा। वामपंथी दलों तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने केंद्र सरकार पर 20 साल पहले हुए बाबरी विध्वंस के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न् 11 बजे शुरू हुई। लेकिन हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के असदुद्दीन ओवैसी, बसपा के एक सांसद और वामपंथी दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने छह दिसम्बर, 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 16वीं सदी की मस्जिद को तोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए सरकार पर हमले किए।
जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े होकर बसपा, वामपंथी दलों के विरोध में नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और उसके बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के असदुद्दीन ओवैसी, बसपा के एक सांसद और वामपंथी दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने छह दिसम्बर, 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 16वीं सदी की मस्जिद को तोड़ने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए सरकार पर हमले किए।
जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े होकर बसपा, वामपंथी दलों के विरोध में नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सांसदों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और उसके बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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