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सजायाफ्ता आतंकवादी डेविड हेडली के सहयोगी तहव्वुर राणा को 30 वर्ष कैद की सजा हो सकती है। वह मुंबई आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सामान मुहैया कराने और डेनमार्क के अखबार पर हमले के लिए षडयंत्र में शामिल था।
अमेरिकी अभियोजक 52 वर्षीय पाकिस्तानी कनाडाई मूल के राणा के लिए 30 वर्ष कैद की सजा चाहते हैं, जबकि बचाव पक्ष के वकील हल्की सजा की मांग कर रहे हैं और वे उसके खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर नौ वर्ष से अधिक की सजा नहीं चाहते। उसके वकील दावा करते हैं कि उसके स्कूल के दोस्त हेडली ने उसे इसमें भागीदार बनाया।
राणा को एक फेडरल ग्रांड ज्यूरी ने जून 2011 में सजा सुनाई थी, जिसने व्यवसायी को लश्कर-ए-तैयबा को साजो सामान मुहैया कराने और डेनमार्क के अखबार जाईलैंडस पोस्टेन पर बम से हमला करने की योजना बनाने का दोषी पाया।
26/11 के मुंबई हमलों में शामिल होने के लिए राणा को 2009 में गिरफ्तार किया गया था और उसे इन आरोपों से बरी कर दिया गया था। बहरहाल भारतीय जांचकर्ताओं ने उस पर मुंबई हमले में शामिल होने का आरोप लगाया, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और दूसरी बार उससे पूछताछ करने की मांग कर रहे हैं।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए निशाने की टोह लेने वाले हेडली ने एफबीआई से समझौता किया, जिससे वह संभावित मौत की सजा से बच गया।
अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी गैरी एस़ शेपिरो ने शिकागो की अदालत से आग्रह किया है राणा को 30 वर्ष कैद की सजा दी जाए। राणा को आज सजा सुनाई जाने वाली है और उसके वकील पैट्रिक डब्ल्यू ब्लेगन ने उसके खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अदालत से हल्की सजा देने की अपील की है।
जून 2012 में राणा को आए ह्दयाघात और उसके बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने का जिक्र करते हुए ब्लेगन ने कहा कि राणा का स्वास्थ्य काफी खराब है और न्यायाधीश से अपील की कि सजा सुनाते वक्त इसका ख्याल रखा जाए। ब्लेगन ने हाल में अदालत से कहा कि ऐसा संभव है कि उसका स्वास्थ्य और खराब होने लगे। किडनी में बीमारी के कारण उसे डायलिसिस की आवश्यकता पड़ सकती है।
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