महाराष्ट्र के धुले में हुए साम्प्रदायिक दंगों में पुलिस गोलीबारी में गम्भीर रूप से घायल एक और शख्य ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। पुलिस ने बताया कि पीड़ित की सुबह 6.30 बजे अस्पताल में मौत हो गई। अब तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। मुम्बई से लगभग 350 किलोमीटर दूर धुले में रविवार शाम दंगों के दौरान पुलिस गोलाबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घायल हुए चौथे शख्स ने सोमवार को दम तोड़ दिया था।
धुले के कई हिस्सों में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है और निषेधाज्ञा लागू है, जिसके कारण शहर में कहीं भी पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना में 200 से अधिक लोग घायल हुए थे, जिनमें 11 पुलिस अधिकारी, 102 पुलिसकर्मी और 100 नागरिक शामिल हैं। चव्हाण ने कहा, "घटना की जांच जिला मजिस्ट्रेट करेंगे और वह दो महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।" अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अहमद जावेद धुले का दौरा करने वाले हैं।
ज्ञात हो कि रेस्तरां के एक बिल के भुगतान को लेकर हिंसा भड़क गई थी। रेस्तरां में कहा सुनी के बाद मछली बाजार चौक के नजदीकी क्षेत्रों और पाला बाजार और माधवपुरा क्षेत्रों के आसपास बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई थी। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर दंगाइयों ने पत्थर, ईंट, तेजाब और सोडा पानी की बोतलें फेंकी। इसके अलावा आगजनी, वाहनों पर पत्थर किए गए और घरों और दुकानों पर हमले भी किए गए।
पुलिस ने शुरुआत में लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया और बाद में गोलीबारी की। चव्हाण ने कहा कि सरकार घायलों के इलाज का खर्च उठा रही है। इसके अलावा पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार का खर्च भी सरकार वहन करेगी।
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