झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा राज्य सरकार से औपचारिक समर्थन वापस लिए जाने के बाद मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुंडा ने दोपहर से ठीक पहले राज्यपाल सैयद अहमद से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया।
झामुमो ने सोमवार को ही मुंडा सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी थी। इसके बाद मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई थी। झारखण्ड में राजनीतिक संकट की शुरुआत मुंडा के तीन जनवरी के उस पत्र से हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार के 28 महीने पूरे होने के बाद वह मुख्यमंत्री पद झामुमो के लिए खाली नहीं करेंगे।
इस बीच, झारखण्ड मंत्रिमंडल ने भी मंगलवार को विधानसभा भंग करने की अनुशंसा कर दी। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सितम्बर 2010 में झामुमो के 18, ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के छह तथा जनता दल (युनाइटेड) के दो विधायकों के समर्थन से बनी थी। भाजपा के भी 18 विधायक थे।
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