बिहार से जुड़े इनोवेटर जो बिहार के बाहर हैं और बिहार के बाहर रहकर अपना काम कर रहे हैं, उन्हें भी आमंत्रित कर उनका भी सहयोग राज्य में इनोवेशन का बेहतर वातावरण बनाये जाने के लिये लिया जाय. इनोवेशन के लिये रोड मैप बनाये जाने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जाय. ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को संवाद भवन में राज्य नवप्रवर्तन परिषद (स्टेट इनोवेशन काउंसिल) की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहीं.
नीतीश कुमार ने कहा कि अविष्कार के बिना तरक्की संभव नहीं है. हर क्षेत्र में नये-नये अविष्कार किये जाने चाहिये. जिन लोगों ने भी अविष्कार का नया काम किया है, उनका सव्रे कराकर उन्हें चिन्हित किया जाय. उनकी सूची बनाकर उनके साथ बैठक कर यह निर्णय लिये जायें कि उनकी क्या आवश्यकता है और उन्हें किस तरह सरकार द्वारा सहायता दी जा सकती है. इनोवेशन (आविष्कार) वक्त की मांग के मुताबिक हुई है.
आवश्यकता आविष्कार का कारण है. उन्होंने कहा कि जो कोई भी नये इनोवेशन का प्रस्ताव लेकर आता है, उसे बेहतर ढंग से सुना और समझा जाय. जिन लोगों ने भी राज्य में कोई नया इनोवेशन का काम किया है, उनकी सूची बनायी जाय. उन्होंने किस क्षेत्र में क्या काम किया है, इसकी जानकारी संकलित कर रखी जाय. साथ ही इनोवेटरों की बैठक बुलाकर उनकी राय ली जाय कि इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिये क्या कुछ किया जा सकता है.
इनोवेशन के लिये निधि की व्यवस्था की जाय. संवाद भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिये शासन, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, बाजार, शिक्षा, शोध एवं दक्षता, सूचना, भूमि, जलवायु एवं पर्यावरण, उद्यमी विकास, वित्त, नागरिक आकांक्षा, भौगोलिक प्रतिस्पर्धा, सामाजिक सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्र में काम करने वाले इनोवेटरों को प्रोत्साहित करने के लिये अलग-अलग समितियों का गठन किया जाय. बैठक में संजय गुहा स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञ ने इनफारमेशन टेक्नोलॉजी रिलेटेड इनोवेशन्स फॉर हेल्थ केयर पर एक पावर प्वाईट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया. इसके माध्यम से दिखाया गया कि इनफारमेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किस तरह स्वास्थ्य सुविधा और लैंड रिकॉर्ड को मेंटेन करने में किया जा सकता है.
इसके अलावा नैनो टेक्नोलॉजी द्वारा कोशी समस्या का हल कैसे खोजा जा सकता है तथा गांव एवं शहरों में शौचालयों की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है, जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया. बैठक में ग्लोबल कम्पीटिवनेस को बढ़ाने में इनोवेशन की क्या भूमिका है, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गयी. ग्लोबल कम्पीटिवनेस के क्षेत्र में भारत व बिहार का क्या स्थान है और इनोवेशन को कैसे बढ़ाकर ग्लोबल स्तर पर भारत व बिहार को शीर्ष स्थान पर पहुंचाया जा सकता है, इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में मुख्य सचिव एके सिन्हा, विकास आयुक्त फूल सिंह, प्रधान सचिव स्वास्थ्य व्यासजी, प्रधान सचिव शिक्षा अमरजीत सिन्हा, प्रधान सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंतण्ररविन्द्र पवार, प्रधान सचिव कृषि आलोक कुमार सिन्हा, प्रधान सचिव विज्ञान एवं प्रावैधिकी अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अभयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा सहित इनोवेशन क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने भाग लिया.
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