कांग्रेस की नीयत पर शक: नेता प्रतिपक्ष !!
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कंुजवाल द्वारा बीते दिन गैरसैंण में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाये जाने की बात को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ हैं, उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री असमंजस में है। उन्होंने रविवार को श्री कुंजवाल के आवास पर जाकर वार्ता की। जिसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गैरसैंण में विधानसभा भवन बनने में लगभग तीन साल का समय लगेगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण बनाये जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह स्पीकर महोदय तथा जनता की भावनाओं का आदर करते है। लेकिन इस मुद्दे पर अभी वह अन्य सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की राय लेंगे और कांग्रेस की अपनी भी राय इसमें शामिल होगी। वहीं सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि मुख्यमत्रंी को चाहिए कि वह गैरसैंण को शीघ्र स्थायी राजधानी घोषित करे उनसे जब पूछा गया तो मुख्यमंत्री तो गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने से मना कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बात मुख्यमंत्री जाने यह उनकी अपनी भावना है और प्रदेश की जनता की भावनाओं की बात है। उधर इस मुद्दे को लेकर जहां कांग्रेसी नेताओं में एकमतता नहीं है वहीं नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात यूं ही नहीं उठायी है उन्हें भी मुख्यमंत्री और कांग्रेस की नीयत पर शक है जिसके कारण उन्होंने यह बात कहीं है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पर प्रदेश की जनता की भावनाओं पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह यह स्पष्ट करे कि वह और उनकी सरकार की मंशा क्या है एक तरफ वह गैरसैंण में विधानसभा भवन बनवाने जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ गैरसैंण को स्थायी तो क्या ग्रीष्मकालीन राजधानी भी बनाने से इंकार कर रहे हैं ऐसी स्थिति में साफ हो जाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर वोट की राजनीति कर रही है।
(राजेन्द्र जोशी)
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