दिल्ली सामूहिक बलात्कार को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघ चालक मोहन भागवत का पुतला जलाए जाने से गुस्साए भगवा झंडाधारियों ने दो कांग्रेस नेताओं के घरों पर हमला बोल दिया। इन नेताओं के घरों पर तोड़फोड़ की गई। हमलावरों के आरएसएस से जुड़े होने का संदेह है। भागवत के बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार की सुबह भागवत के पुतले का दहन किया। यह पुतला दहन कांग्रेस पार्षद रवि वर्मा व युवक कांग्रेस नेता पिंटू जोशी के नेतृत्व में किया गया। भागवत के दिल्ली बलात्कार को लेकर दिए गए बयान से कांग्रेस कार्यकर्ता गुस्से में थे।
पुतला दहन की खबर मिलते ही भगवा झंडे लिए हुए सौ से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए। यह संघ के स्वयंसेवक बताए जा रहे हैं। ये स्वयंसेवक सबसे पहले रोनक अपार्टमेंट पहुंचे जहां पार्षद रवि वर्मा रहते हैं। स्वयंसेवकों ने बहुमंजिला इमारत के कई मकानों मे तोड़-फोड़ की और वर्मा के मकान में जमकर उत्पात मचाया। स्वयंसेवकों के हमले से पूरे अपार्टमेंट में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद यह स्वयंसेवक पिंटू जोशी के घर पर पहुंचे। पिंटू पूर्व मंत्री महेश जोशी के बेटे हैं। यहां पहुंचे स्वयंसेवकों ने जमकर हंगामा किया और पथराव कर तोड़फोड़ भी की। इस मौके पर पहुंची पुलिस ने स्वय सेवकों पर लाठियां भी बरसाई।
इस घटना के विरोध में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिरीक्षक अनुराधा शंकर को ज्ञापन सौंप कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। विधायक तुलसी सिलावट ने को बताया है कि कांग्रेस नेताओं के घरों पर हमला करने वाले संघ के स्वयंसेवक थे। कांग्रेस की जिला इकाई ने बुधवार को बैठक बुलाई है, इस बैठक में ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं इस हमले में संघ के स्वयंसेवकों के शामिल होने के लग रहे आरोपों के बाद भी संघ की ओर से किसी तरह का बयान नहीं आया है। इसके अलावा तुकोगंज थाने की पुलिस ने बिना अनुमति पुतला दहन करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
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