अनुसूचित जाति के गृह विहीनों को आवास. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 10 फ़रवरी 2013

अनुसूचित जाति के गृह विहीनों को आवास.


बिहार में गृहविहीन अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों को अगले दो साल के अंदर इंदिरा आवास योजना के तहत मकान दे दिया जाएगा. राज्य में विगत पांच साल में अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों के लिए 24 लाख इंदिरा आवास बनाये गये हैं, बचे हुए आठ लाख परिवारों को अगले दो वर्षों अंदर पूर्णरूप से इंदिरा आवास दिया जायेगा. 

यह बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं. उन्होंने  कहा कि जिन अनुसूचित जाति/जनजाति परिवार के पास वास के लिए जमीन नहीं है, उन्हें जमीन क्रय कर उपलब्ध कराया जाय. हर हाल में राज्य के ग्रामीण इलाकों के सभी अनुसूचित जाति/जनजाति को अनिवार्यत: घर दिये जायें.

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण जीविका मिशन के कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गयी और निर्देश दिया गया कि दस लाख स्वयं सहायता समूह बनाये जायें ताकि हर ग्रामीण परिवार इससे आच्छादित हो सके. अगले दो वर्षों में पांच लाख स्वयं सहायता समूह बनाये जायेंगे. उल्लेखनीय है कि अब तक 1 लाख 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर 20 लाख परिवारों को इससे लाभान्वित किया जा चुका है.

जीविका के प्रयास से सदस्य महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आया है. सदस्य महिलाओं की मासिक आय में पायच से दस हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2013-14 में राज्य के सभी प्रखण्डों में जीविका का विस्तार किया जायेगा. आईआरएमए की तर्ज पर बिहार में भी ग्रामीण विकास प्रबंधन संस्थान बनाये जाने का निर्णय लिया गया तथा तत्काल चंद्रगुप्त इंस्टीच्यूट आफ मैनेजमेंट में ग्रामीण प्रबंधन से संबंधित कोर्स चालू कराने के लिए अग्रेतर कार्रवाई की जाय.

उल्लेखनीय है कि राज्य में ग्रामीण प्रबंधन क्षेत्र के योग्यताधारी व्यक्तियों की कमी है क्योंकि जीविका कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर रूरल मैनेजमेंट की सेवा ली जा रही है. अकेले जीविका 7500 लोगों की नियुक्ति कर रही है. कौशल विकास एवं उन्नयन के तहत 20 हजार लोगों को नौकरी दी गयी है, इसे व्यापक बनाने पर बल दिया गया है. बैठक में मनरेगा के अन्तर्गत निजी जमीन पर ज्यादा से ज्यादा कार्य लेने पर बल दिया गया ताकि परिवार की आय बढ़ सके. मनरेगा में अब तक इस वितीय वर्ष में पन्द्रह सौ करोड़ रुपये व्यय कर 7.5 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित किये गये हैं. अगले वित्तीय वर्ष के लिये एक लाख तालाब खुदवाने की योजना पर बल दिया गया है. मनरेगा एवं निर्मल भारत अभियान के अन्तर्गत निजी शौचालय निर्माण हेतु 9100 रुपये प्रति परिवार की मदद सरकार द्वारा दी जायेगी.

इस योजना से दस लाख शौचालय बनाये जाने की योजना है. मुख्यमंत्री ने मनरेगा के कार्यान्वयन में खुलापन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिचित करने पर जोर दिया. हर प्रखण्ड में हर बुधवार को मनरेगा योजनाओं की जांच की जाय एवं जनता की मनरेगा से जुड़ी समस्याओं का निराकरण किया जाय. मुख्यमंत्री ने ई-शक्ति को पूरे राज्य में फैलाने का निर्देा दिया ताकि यह कारगर व्यवस्था लागू हो जाने से गड़बड़ियों पर अंकुश लग सके.
प्रखण्ड कार्यालयों के जीर्णोद्धार योजना बनाने का निर्देश दिया गया तथा जहां आवश्यकता हो, वहां पर नये-नये भवन इस योजना से बनाये जायें. ग्रामीण विकास के कार्यों की समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने विभाग के कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में तेजी लाने, समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने, गुणवत्ता बनाये रखने एवं कड़े अनुश्रवण का निर्देश दिया.

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