केन्द्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कहा कि झारखंड के लिए केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की विशेष प्रतिबद्धता है. झारखंड के लिए राष्ट्रपति शासन के दौरान यहां जितने विकास कार्य संभव होंगे, वे तेजी से किये जायेंगे. दो दिनों की झारखंड यात्रा पर पहुंचे अश्विनी कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि झारखंड में संवैधानिक दृष्टि से संभव होने पर चुनाव कराये जायेंगे और राजनैतिक सरकार का गठन होगा.
उन्होंने कहा, ‘झारखंड में देश के सर्वाधिक खनिज मिलते हैं और इनकी रक्षा की जानी चाहिए.’ कुमार ने कहा, ‘राष्ट्रपति शासन में बागडोर सीधे केन्द्र सरकार के हाथ में है और इसका लाभ उठाकर हम यहां जितना विकास कार्य संभव होगा करेंगे, जिससे राज्य को पटरी पर लाया जा सके.’ उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक सरकार होती है तो केन्द्र सरकार बहुत कुछ चाह कर भी अपनी इच्छा के अनुसार नहीं कर सकती है.
वैकल्पिक सरकार गठन करने पर कांग्रेस के रुख के बारे में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने दावा किया कि झारखंड के विकास को ध्यान में रखकर ही यहां मधुकर गुप्ता जैसे वरिष्ठ नौकरशाह को राज्यपाल का सलाहकार बनाया गया है और उनकी पहल से कल ही यहां केन्द्रीय मंत्रिमंडल सचिव के नेतृत्व में केन्द्रीय अधिकारियों की बड़ी टीम आयी थी. इसके परिणाम शीघ्र ही दिखायी देंगे. मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में पंचायतों को जल्द ही अधिक से अधिक अधिकार देना चाहती है और इस दिशा में कल से पहल कर दिया गया है.
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