दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वह पतंजलि योगपीठ न्यास के 11 बैंक खाते सीलमुक्त कर दे। न्यास (ट्रस्ट) के संचालक बाबा रामदेव हैं। ज्ञात हो कि आयकर विभाग ने कुल कर 34.68 करोड़ रुपये का पहला किस्त 75 लाख रुपये नहीं चुकाने पर ट्रस्ट को सील कर दिया था।
न्यायमूर्ति बदर दुरेज अहमद एवं न्यायमूर्ति आर.वी. ईश्वर की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, "हमने याचिकाकर्ता (पतंजलि योगपीठ न्यास) को आयकर के रूप में 2.10 करोड़ रुपये 15 मार्च तक चुकाने का समय दिया है और आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि तय समय में कर का भुगतान नहीं किए जाने पर बैंक खाते सील कर दिए जाएं।"
खंडपीठ ने कर वसूली प्रक्रिया पर स्थनादेश देने से इंकार कर दिया और आयकर आयुक्त (अपीलीय) से कहा कि वह पतंजलि योगपीठ की अपील पर 31 मार्च तक फैसला लें और इस मामले को निपटाएं।
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