राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख अरुण कुमार ने सोमवार को कहा कि भगवा आतंकवाद के कथित आरोप के पीछे गहरी साजिश है। यह भारतीय संस्कृति पर प्रहार है। भारत अकेला ऐसा देश है जिसने तलवार के बल पर अपनी सभ्यता संस्कृति का प्रचार नहीं किया, वरन बाहर से लोगों को आत्मसात किया। विश्व संवाद केंद्र में आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि पारसी समुदाय केवल भारत में सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। इनमें से अनेक देश के महत्वपूर्ण पदों पर हैं। भारत में नौ प्रतिशत मुसलमान थे, आज 15 प्रतिशत हो गए। दूसरी ओर, पाकिस्तान व बंग्लादेश में हिंदुआंे का सफाया हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हिंदू सभ्यता मानवतावादी है लेकिन भारत को कमजोर करने वाली शक्तियां सक्रिय हैं। भगवा आतंकवाद के शिगूफे को इसी के मद्देनजर उठाया जा रहा है। इसी के तहत सेना, संवैधानिक संस्थाओं तथा हिंदू धर्म को निशाना बनाया जा रहा है। अरुण कुमार ने कहा कि साधु-संतों को सजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। समाज का मनोबल तोड़ा जा रहा है। असीमानंद व साध्वी प्रज्ञा वर्षों से यंत्रणा की शिकार हैं।
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