विजिलेंस के नए महानिदेशक (डीजी) पी. के. ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम तेज होगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए नगिरानी अन्वेषण ब्यूरो अपनी सक्रियता बढ़ाएगा। भष्टाचार मामलों की जांच और अनुसंधान में तत्परता बरती जाएगी। विजिलेंस के पास जांच के जो भी मामले आए हैं, उसका निपटारा समय पर किया जाएगा। जनता की शिकायतों का निपटारा समय पर हो, इसके लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे। श्री ठाकुर बिहार व केन्द्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
वर्ष 2011 में वह नगिरानी अन्वेषण ब्यूरो के एडीजी बनाए गए थे। इसके पहले वह मार्च 2010 से फरवरी 2011 तक एडीजी हेडक्वार्टर रहे। फरवरी 2009 से मार्च 2010 तक स्पेशल ब्रांच के एडीजी रहे। वर्ष 2006 से 2009 तक वे स्पेशल ब्रांच के आईजी रहे। वर्ष 2003 से 2006 तक वह राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के आईजी के पद पर रहे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली में वर्ष 2001-02 में डीआईजी रहे। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रमोद कुमार ठाकुर की पहली पोस्टिंग 1983-84 में पटना सिटी में एएसपी के पद पर हुई थी।
इसके बाद वह वर्ष 1984-85 में पटना सिटी एसपी बनाए गए।
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