अफजल गुरु के परिवार के लोगों ने उसका शव सौंपने की एक बार फिर मांग की है और बारामूला के अधिकारी को पत्र लिखकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के सामने मामला उठाने के लिए कहा है। अफजल के चचेरे भाई यासीन ने कहा कि उन्होंने बारामूला के उपायुक्त जी.ए. ख्वाजा को 10 फरवरी को पत्र लिखा है। पत्र की पावती उन्हें मिल गई है, लेकिन मामले के बारे में कुछ भी नहीं पता है।
उन्होंने बताया कि अफजल की बीवी तबस्सुम गहरे सदमे में है और बार-बार बेहोश हो जाती है। उन्होंने कहा, "वह बस अफजल को आखिरी बार देखना चाहती है। कम से कम अधिकारियों को हम लोगों के लिए उसका शव दिखाने का प्रयास करना चाहिए।"
यासीन ने कहा, "वह बेहद खराब हालत में है। वह बेहोश हो जाती है और जब उसे होश आता है वह उसके (अफजल) बारे में पूछती है। मेरे चाचा का लड़का भी स्तब्ध है। वह कोई हरकत नहीं कर रहा, लेकिन हम उसे गहरे सदमे से बाहर लाने की कोशिश कर रहे हैं।" अफजल का बेटा गालिब 12 साल का ही है।Cयासीन ने कहा, "सरकार ने जो करना था सो कर लिया। अब हमारी एक ही ख्वाहिश है कि उसका शव हमें सौंपा जाए। इस संबंध में हमने भी बारामुला के उपायुक्त को लिखा है।"
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