त्यागी के बचाव में आगे आये जसवंत सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

त्यागी के बचाव में आगे आये जसवंत सिंह


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता जसवंत सिंह गुरुवार को पूर्व वायुसेना प्रमुख एस. पी. त्यागी के समर्थन में सामने आए और सत्य का पता लगाने के लिए त्वरित और विस्तृत जांच की मांग की। 75 करोड़ डॉलर के अगस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे में पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी का नाम भी उछल रहा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान रक्षा मंत्री रह चुके जसवंत सिंह ने कहा, "हमें एक पूर्व वायुसेना प्रमुख के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए। यह देश और वायुसेना दोनों के हित में नहीं है। जांच चल रही है। चूंकि एयर चीफ मार्शल (रिटा) त्यागी भी कह रहे हैं कि जांच पहले ही होनी चाहिए थी। आप उनके सुझाव से सहमत क्यों नहीं हुए थे।" 

जसवंत सिंह का यह बयान तब आया है जब उनकी पार्टी भाजपा वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे की तुलना बोफोर्स घोटाले के साथ करते हुए सरकार पर निशाना साध रही है। उन्होंने कहा, "मुझे पीड़ा हो रही है और दुख भी कि इस मामले में आरोपी एक इतालवी कंपनी है। इससे यही लगता है कि हम उन्हें भूल गए हैं। हम केवल इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि वायुसेना प्रमुख ने क्या किया। एयर चीफ मार्शल एक सम्मानित अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। हमें सशस्त्र बलों के ऐसे सम्मानित शीर्ष अधिकारी को चलते फिरते ढंग से नहीं लेना चाहिए।"

पूर्व रक्षा मंत्री ने हालांकि रक्षा मंत्रालय को इस मामले की जांच में देरी करने पर आड़े हाथों भी लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इतालवी जांचकर्ताओं ने सौदे में भ्रष्टाचार के संकेत दे दिए थे तब रक्षा मंत्रालय इस पर कुंडली मारे क्यों बैठा रहा? उन्होंने कहा, "..ऐसे कार्यक्रमों में नीति निर्धारण को पहुंचे नुकसान को भ्रष्टाचार से छिपाया जाता है। मैं सरकार का रुख दीर्घसूत्री और असंतोषप्रद पा रहा हूं..निश्चितरूप से समय की मांग के अनुरूप उत्तर नहीं है।"

उन्होंने कहा, "हमें त्वरित और निष्पक्ष जांच की दरकार है। हड़बड़ी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचें और पूर्व वायुसेना प्रमुख को बदनाम नहीं करें। पूरे मामले की एक गहन जांच होनी चाहिए ताकि सभी छिपे हुए तथ्य उजागर हो सके और सत्य सामने आए।" इटली में जांचकर्ताओं ने मामले की प्राथमिक जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट पेश होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से नाम जोड़े जाने पर पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी ने आरोपों को खारिज किया। रक्ष मंत्रालय ने मंगलवार को इस सौदे की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने का आदेश दे चुका है।

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