नंदीशाला योजना से बांटे 266 सांड
खंडवा (30 मार्च) - पशुपालन विभाग की नंदीशाला योजना में उन्नत नस्ल का सांड गौवंश वृद्धि हेतु प्रदाय किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2008 से अब तक कुल 266 सांड हितग्राहियों को वितरित किये जा चुके हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में उन्नत नस्ल के देशी पशुओं को बढ़ावा देना और क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन एवं कृषि योग्य अच्छी नस्ल के नर पशु तैयार करना है। इस योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 14 हजार रूपये का अनुदान राशि सभी श्रेणी के हितग्राहियों को शासन द्वारा दिया जाता है।
पशुपालन विभाग की एक अन्य नवीन वत्सपालन योजना की शुरूआत वर्ष 2012-13 में हुई। योजना का मुख्य उद्देश्य गौवंश पालन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस योजनांतर्गत औसत से 33 प्रतिशत् अधिक दुग्ध उत्पादन देने वाली देशी नस्ल की गाय का चयन कर उससे प्रजनित नर या मादा बछड़े को 2 वर्ष की आयु तक 500 रूपये प्रतिमाह दाना उपलब्ध कराना है। शेष 5000 रूपये की राशि हितग्राही को प्रोत्साहन हेतु देना है। जिसमें वर्ष 2012-13 में 19 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
ब्लड कैंसर के ईलाज के लिये मजदूर की बेटी को मिली सहायता
खंडवा (30 मार्च) - मध्यप्रदेश शासन की राज्य एवं जिला बीमारी सहायता निधि योजना के तहत् जगदम्बा नगर खंडवा में निवासरत् संजय विश्वकर्मा को अपनी पुत्री के ब्लड कैंसर रोग का ईलाज टाटा मेमोरियल हाॅस्पिटल मुंबई में कराने हेतु शासन द्वारा 2 लाख रूपये की स्वीकृति आदेश एवं परिवहन राशि का चैक प्रदान किया गया है। संजय मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता है एवं मुंबई में बच्ची का उपचार कराने में सक्षम न होने से कलेक्टर खंडवा के माध्यम से चिकित्सा सहायता हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिले से अभी तक इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 100 हितग्राहियों को गंभीर जानलेवा रोगों के उपचारार्थ 94 लाख रूपये की चिकित्सा सहायता दी जा चुकी है।
बी.एस.एन.एल. के सभी केश काउंटर आज खुले रहेंगे
खंडवा (30 मार्च) - कार्यालय दूरसंचार जिला प्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 31 मार्च को टेलीफोन बिलों के भुगतान हेतु बी.एस.एन.एल. के सभी केश काउंटर खुले रहेंगें।
कलेक्टर ने गेहूँ खरीदी केन्द्र का किया आकस्मिक निरीक्षण
खंडवा (30 मार्च) - कलेक्टर नीरज दुबे व्दारा गत् दिवस ग्राम पिपलोद खरीदी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर उपस्थित किसानों के समक्ष रूबरू हुए। कलेक्टर को किसानों व्दारा खरीदी केन्द्र पर सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध होना बताया गया। साथ सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री कोठारे एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी व्दारा भी खरीदी केन्द्र सिहाड़ा, जावर, बांगरदा, केहलारी, मूंदी एवं नवीन केन्द्र भगवानपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया एवं इलेक्ट्रिक तौल कांटे को 50 किलों बाट व्दारा किसानों के समक्ष चैक किया गया जो सही पाया गया। इस वर्ष भगवानपुरा नवीन केन्द्र प्रारंभ होने पर किसानों व्दारा हर्ष व्यक्त किया गया। साथ ही खरीदी केन्द्र पर छाॅव, ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था, आदि सुविधाओं हेतु शासन का आभार व्यक्त किया गया।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी 69 खरीदी केन्द्रों पर खरीदी का कार्य प्रारंभ है। अभी तक कुल 41875 मेट्रिक टन खरीदी की गई। जिसमें से 36006 मेट्रिक टन का गोदामांे में सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है। शेष मात्रा भंडारण का कार्य प्रारंभ है। किसानों को उनकी उपज का तीन दिवस में नियमित भुगतान किया जा रहा है।
कलेक्टर ने दो सचिवों के वित्तीय अधिकार किये समाप्त
खंडवा (30 मार्च) - कलेक्टर नीरज दुबे द्वारा हरसूद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत छाल्पीखुर्द एवं पंधाना जनपद की ग्राम पंचायत सराय के सचिवों के वित्तीय अधिकार समाप्त कर दियेे गये हैं। ज्ञात हो कि हरसूद की ग्राम पंचायत सिवरिया में पदस्थ सचिव नरसिंह कोगे जो कि वर्तमान में छाल्पीखुर्द में पदस्थ है, के द्वारा तत्कालीन सिवरिया सरपंच श्रीमति कलाबाई भागीरथ तथा एक अन्य सचिव शैलेन्द्र महोदय के साथ मिलकर वित्तीय अनियमित्ताएं की गई थी। जिस संबंध में न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी खण्डवा के निर्णय दिनांक 15 मार्च, 2012 के अनुसार सभी संबंधितों पर संयुक्त रूप से 24 लाख 34 हजार 307 रूपये की वसूली आरोपित की गई थी। वित्तीय अनियमित्ता में लिप्त होने के कारण सचिव नरसिंह कोगे के वित्तीय अधिकार कलेक्टर द्वारा समाप्त किये गये हैं।
पंधाना जनपद की ग्राम पंचायत सराय के सचिव सुनील कपूर के विरूद्ध ग्रामीणांे द्वारा पद का दुरूपयोग एवं भ्रष्टाचार करने की शिकायत दिनंाक 18 फरवरी, 2013 को सीईओ जिला पंचायत तरूण कुमार पिथौड़े से की गई थी। जिसकी जांच हेतु सीईओ द्वारा सीईओ जनपद पंधाना को निर्देश दिये गये थे। सीईओ जनपद पंधाना द्वारा जांच उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार सचिव सुनील कपूर के विरूद्ध ग्रामीणांे द्वारा की गई शिकायत सही पाई गई थी जिस आधार पर कलेक्टर द्वारा सराय सचिव सुनील कपूर के वित्तीय अधिकार समाप्त किये गये हैं।

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