बिजली-पानी के बढे दामों को विरोध कर रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को लगातार सातवें दिल अनशन पर बैठे। छह दिनों से उपवास के चलते अरविंद केजरीवाल सेहत काफी खराब हो गई है। फिर भी भविष्य को लेकर आशान्वित वे अगले चुनाव को क्रांति की संज्ञा दे रहे हैं।
गुरुवार को लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब सच्चे दिल से दुआ निकलती है तो अपने आप घर-घर, हर दिल तक पहुंच जाती है और मेरे दिल की आवाज कहती है कि देश जरूर बदलेगा।उन्होंने साफ किया अभी उपवास खत्म करने का समय नहीं आया है। आंदोलन लंबा चलेगा।
केजरीवाल ने कहा कि बहुत से लोग सवाल कर रहे हैं कि उपवास पर भाजपा और कांग्रेस की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसकी वजह देश में अलग तरह की उभरती राजनीति है जिससे दोनों पार्टियां चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पार्टियां धन व बाहुबल के सहारे चुनाव जीतती आई हैं लेकिन अब मतदाता जाग गया है। अगला चुनाव, चुनाव नहीं क्रांति होगा। इस दौरान किसान नेता गुरुनाम सिंह ने सवाल किया कि हरियाणा का पीड़ित किसान 14 वर्षों से बिजली बिल देने से मना कर सकता है तो दिल्ली वासी अपने गलत बिल भरने से इंकार क्यों नहीं कर सकते।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के 800 गांवों के लोगों ने दरें बढ़ने से बिजली बिल देन से मना कर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेहतर भविष्य के लिए जल्द ही सारे आंदोलन एकजुट होंगे।
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