दक्षिणी दिल्ली के रविदास कालोनी के निवासी अपने कुख्यात पड़ोसी राम सिंह का 'मानवता को शर्मसार' करने वाले 'राक्षस' के रूप में वर्णन करते हैं। दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी राम सिंह की मौत से उसके कुछ पड़ोसी राहत महसूस कर रहे हैं। अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक अधेड़ महिला ने कहा, "पिछले कुछ महीने हम सभी के लिए बहुत तनावपूर्ण रहे तथा यहां आए दिन लगने वाले पुलिस तथा मीडिया के झुंड से हम सभी तंग आ चुके थे। उसके (राम सिंह) मर जाने से मैं राहत महसूस कर रही हूं।"
दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले में बस के चालक 35 वर्षीय राम सिंह ने न्यायिक हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में सोमवार की सुबह कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। उसके परिवार वालों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है। उसके घर से कुछ मकान की दूरी पर रहने वाली एक दो बच्चों की मां ने कहा, "वह औरतों की उम्र की परवाह किए बिना उन पर अश्लील टिप्पणियां किया करता था और महिलाओं को छेड़ा करता था..हैवानियत आप उसकी आंखों में देख सकते थे। वह बहुत दुष्ट आदमी था और मुझे उससे बहुत डर लगता था।"
राम सिंह के पड़ोसियों के अनुसार उसके माता-पिता सहित चार भाइयों का उसका परिवार 1990 में राजस्थान से आकर इस कालोनी में बस गए थे। राम सिंह तथा उसके भाइयों को 'गुंडा' कहने वाले उसके पड़ोसियों ने बताया कि वे सभी गलत धंधा करते थे तथा मलिन बस्ती के युवा बच्चों पर गलत प्रभाव डाल रहे थे।
एक अन्य पड़ोसी ने कहा, "वे अक्सर शराब पीकर धुत रहते थे, जुआ खेलते थे, झगड़ा-झंझट करते रहते थे तथा महिलाओं के साथ बदसलूकी करते थे। बच्चों पर उनका गलत प्रभाव पड़ रहा था।" वह आगे बताता है कि राम सिंह के माता-पिता तो कॉलोनी में स्थाई रूप से रहते थे लेकिन उसके लड़के आते-जाते रहते थे।
पड़ोसी ने कहा, "उसने (राम सिह) ने मानवता को शर्मिदा किया और उसकी यही दशा होनी थी..उसके भाई भी ऐसे ही हैं तथा पुलिस को उसके परिवार को यहां से भगा देना चाहिए।" राम सिंह की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि वह पहले भी गलत व्यवहार करता रहा था तथा अपने मित्रों के बीच 'सनकी' के रूप में मशहूर था जो उस पर लगे असामान्य एवं झगड़ालू व्यवहार के आरोपों की तरफ इशारा करते हैं।
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