इस्तीफा दे अल्पमत की संप्रग सरकार : तृणमूल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 29 मार्च 2013

इस्तीफा दे अल्पमत की संप्रग सरकार : तृणमूल


तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार अल्पमत में आ चुकी है, इसलिए इसे तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, "तृणमूल कांग्रेस छह महीने से स्पष्ट तौर पर कहती रही है कि संप्रग अल्पमत की सरकार है और इसे एक क्षण भी सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।"

संप्रग को 'जनविरोधी' बताते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल उस गठबंधन से इसलिए अलग हो गई थी, क्योंकि संप्रग की नीतियां जनहित को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। रॉय ने कहा, "हमने संप्रग से इसलिए समर्थन वापस लिया, क्योंकि डीजल व पेट्रोल के दाम नियमित रूप से बढ़ाना, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मल्टी-ब्रांड खुदरा कारोबार, पेंशन तथा बीमा क्षेत्र में प्रवेश देना और उर्वरक के दाम में वृद्धि जैसी नीतियां हमें पसंद नहीं हैं।"

उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की समर्थन वापसी के बाद मनमोहन सिंह सरकार स्पष्ट रूप से अल्पमत में आ चुकी है। "हम चाहते हैं कि सरकार तुरंत इस्तीफा दे।" यह पूछे जाने पर कि यदि कांग्रेस आग्रह करे तो क्या आपकी पार्टी संप्रग को फिर से समर्थन देगी, रॉय ने हालांकि कहा कि यह फैसला तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को लेना है।

उन्होंने कहा, "यह नीतिगत फैसले की बात है, इसलिए मैं व्यक्तिगत रूप से इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। यह यह फैसला पार्टी प्रमुख को लेना है।" पूर्व रेलमंत्री रॉय ने कहा, "लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि लोकसभा में संख्या के तिकड़म से संप्रग भले ही कुछ समय तक कायम रहे लेकिन यह अल्पमत की सरकार है, इसे जाना ही होगा।"

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