समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को इस बात से इंकार किया कि वह केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस लेंगे। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए यह उनकी राजनीतिक मजबूरी है। मुलायम ने यह अनुमान भी लगाया कि अप्रैल-मई 2014 में प्रस्तावित आम चुनाव नवम्बर 2013 तक ही हो सकता है।
यादव ने सीएनएन-आईबीएन के साथ एक विशेष बातचीत में कहा, "कांग्रेस के साथ रिश्ता नहीं टूटा है। हमारी पार्टी के अंदर भी संप्रग से समर्थन वापस लेने के बारे में कोई बातचीत नहीं हो रही है।" मुलायम ने कहा, "यह (कांग्रेस को समर्थन देना) एक राजनीतिक मजबूरी है। हम साम्प्रदायिक ताकतों (भाजपा) के खिलाफ लड़ रहे हैं। जब हम साम्प्रदायिक ताकतों से अकेले लड़ रहे थे, तब केवल चंद्रशेखर जी हमारे सम्पर्क में थे। अयोध्या (विवादित ढांचे को 1992 में ढहाए जाने) के बाद हमें देश की एकता बरकरार रखनी थी। अन्यथा मुसलमान यह सोचते कि हमारे साथ कोई नहीं है।"
मुलायम ने कहा कि अगला लोकसभा चुनाव इस वर्ष नवम्बर में हो सकता है। उन्होंने कहा, "मई में चुनाव नहीं होगा। चुनाव पहले होगा। यह विश्लेषण है.. चुनाव इसी वर्ष होगा, हो सकता है नवम्बर में हो। सभी दलों की चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।" मुलायम ने इस बात से इंकार किया कि वह भाजपा के करीब जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा के करीब जाने का क्या मतलब? यदि हमने किसी के साथ लड़ा है तो वह आडवाणी जी हैं। जब हम भाजपा के खिलाफ लड़ रहे थे, तो कांग्रेस मूकदर्शक खड़ी थी।"
सपा नेता ने कहा, "लोगों ने आडवाणी जी पर मेरे बयान की प्रशंसा की है। लेकिन आश्चर्य कि कांग्रेस और भाजपा के नेता मेरी आलोचना कर रहे हैं।" मुलायम ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने की उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्होंने अलबत्ता तीसरे मोर्चे की आशा जाहिर की, जिसे कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने खारिज कर दिया है। मुलायम ने कहा, "प्रधानमंत्री बनने की मेरी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है।"
मुलायम ने आगे कहा, "जब भी तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आया है, इसके गठन के बारे में किसी को भी अंदाजा नहीं रहा। यह अपने आप बना है। मैं समझता हूं कि इस बार भी ऐसा ही होगा। कई पार्टियां हमारे साथ आएंगी।" मुलायम ने कहा, "चुनाव बाद यदि स्थिति की मांग होती है, तो पार्टियां एकजुट हो सकती हैं और तीसरा मोर्चा बन सकता है। तीसरा मोर्चा हमेशा चुनाव बाद अस्तित्व में आया है।"

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