प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों को सहेजने की स्पष्ट सोच है - श्री लक्ष्मीकांत शर्मा
- नरसिंहगढ़ महोत्सव अब तीन दिवसीय और नेवज महोत्सव, आयोजन करने की घोषणा
- दो दिवसीय नरंिसहगढ़़ महोत्सव का संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने किया शुभारंभ
प्रदेश के संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व एवं जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रदेश के एतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों को सहेजने, संरक्षित करने और अधोसंरचना विकास के प्रति स्पष्ट सोच रखती है। इस उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा पौने दौ सो करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। संस्कृति मंत्री श्री शर्मा आज यहां दो दिवसीय नरंिसहगढ़ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि नरंिसहगढ़ महोत्सव हमेशा और निरंतर भव्यता के साथ आयोजित होता रहे इसके लिए विभाग द्वारा स्थाई व्यवस्था कर दी गई है उन्होने कहा कि नरसिंहगढ़ महोत्सव के आयोजन के लिए स्थानीय समाज के लोग भी सहभागिता निभायें। उन्होने दो दिवसीय नरसिंहगढ़ महोत्सव के आयोजन को भविष्य में तीन दिवसीय करने की घोषणा की । उन्होने इसके साथ ही नरसिंहगढ़ क्षैत्र के वीर क्रांतिकारी एवं अमर शहीद कुंवर चैनसिंह की सीहोर स्थित छत्री के संरक्षण के लिए सीहोर कलेक्टर से चर्चा कर निर्णय लेने और राजगढ़ में नेवज महोत्सव आयोजित किये जाने की भी घोषणा की।
उन्होने कहा कि नरंिसहगढ़ राज परिवार यदि प्रस्ताव देता है तो नरंिसहगढ़ किले के संरक्षण का कार्य किया जावेगा। उन्होने राजस्थान में पर्यटन विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐतिहासिक किले और गढि़यां यदि हेरीटेज में विकसित किये जाते हैं तो इनकी सुन्दरता बढ़ेगी और क्षैत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव के प्रारंभ में संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री द्वारा नरंिसहगढ़ महोत्सव के ध्वज फहराया, अमर शहीद कंुवर चैनसिंह की प्रतिमा का अनावरण किया तथा नरंिसहगढ़ महोत्सव एवं प्रयास अभियान की स्मारिका का विमोचन किया । कार्यक्रम मे उन्होने अमर शहीद कुंवर चैन की प्रतिमा के मूर्तिकार श्री ओम प्रकाश चैहान का साफा बांधकर सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव, पूर्व संसदीय सचिव श्री राज्यवर्धन सिंह, पूर्व विधायक श्री रघुनंदन शर्मा, कलेक्टर श्री एम.बी. ओझा, ने भी संबोधित किया । कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक बी.पी. चन्द्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, एवं बड़ी संख्या में कला रसिक मौजूद रहे ।
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