उत्तराखंड की खबर (28 अप्रैल) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 28 अप्रैल 2013

उत्तराखंड की खबर (28 अप्रैल)


हजारों मतदाता मताधिकार से वंचित 

देहरादूनए 28 अप्रैल। हजारों मतदाताओं को स्थानीय निकाय के लिए होने वाले मतदान से इसलिए वंचित होना पड़ा क्योंकि उनका वोटर लिस्ट में नाम ही नहीं था। ऐसे हजारों मतदाता राजधानी दून में अपने मत का उपयोग करने वंचित रह गये जिनके पास वोटर आईडी कार्ड तो था लेकिन वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब था। राज्य निवार्चन आयोग की इस वोटर लिस्ट से पूरे के पूरे परिवारों के नाम गायब होना हास्यास्पद बात ही है । सपा के प्रदेश अध्यक्ष एसएन सचान भी इसका एक उदाहरण है जो अपने परिवार के साथ वोट डालने के लिए मतदान केन्द पंहुचे लेकिन वोटर लिस्ट से पूरे परिवार का नाम गायब होने के कारण उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। उन्होंने अपना और अपने परिवार का वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि वह इसकी शिकायत राज्य निवार्चन अधिकारी से करंेगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम गायब होना अत्यंत गंभीर मामला है और इससे राज्य निर्वाचन आयोग के दावों की कलई खुल गयी है कि उसने समय से सभी सूचियों को दुरूस्त कर लिया है। मतदान केन्द्रों से वापस लौटने वाले ऐसे मतदाता जिनका वोटर लिस्टों में नाम नहीं मिला निर्वाचन अध्किारियों पर अपना आक्रोश निकालते दिखे। हालांकि केन्द्रीय निर्वाचन आयोग वोट डालने के लिए आई डी के तौर पर 23 दस्तावेजों को मान्यता दी गयी है लेकिन जब वोटर लिस्ट में नाम ही न होे तो  दून के मतदाताओं को मतदाता सूचियों की अशुद्धियों और गडबड़ियों के कारण बड़ी संख्या में अपने मतदाता के अधिकार से हाथ धोना पड़ा है। यहंा यह उल्लेखनीय है कि राजधानी दून के मतदाताओं के लिए बने 120 मतदान केन्द्रों में से कोई भी एक मतदान केन्द्र ऐसा नहीं है जहंा इस तरह की शिकायतें देखने को न मिली हो। वोटर लिस्ट में फर्जी मतदाताओं की भरमार के मामले भी सामने आ चुके है। एक.एक मकान के पते पर ढाई.ढाई सौ वोटरों की बात से यह साफ है कि मतदान सूचियों में भारी गडबड़ियां है इनमें से कुछ गडबड़िया जानबूझकर की गयी है जबकि कुछ गड़बड़िया तकनीकी कारणों से हुई हैं। लेकिन वजह कुछ भी रही हो इन गडबड़ियों के कारण दून के हजारों मतदाता निकाय चुनावों में मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके है। 

शांतिपूर्ण तरीके से हुआ मतदान

देहरादूनए 28 अप्रैल। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए हुआ मतदान छुटपुट नोक.झोंक और टकराव के बीच आम तौर पर शांतिपूर्ण रहा। मतदाताओं ने सुबह से ही मतदान में भारी रूचि दिखायी और कड़ी सुरक्षा के बीच शाम 4 बजे तक लगभग 51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य के छह नगर निगम 28 नगरपालिकाओं और 35 नगर पंचायतों के लिए होने वाले इस चुनाव के लिए रविवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। भारी सुरक्षा के बीच कराये गये इस मतदान के लिए आम नागारिकों में खासा उत्साह देखने को मिला आयोग ने चुनाव के लिए 2400 परिवेक्षक तैनात किये है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये है। सुबह आठ बजे से दस बजे तक के पहले दो घंटों में 15ण्6 पफीसदी मतदाता अपने वोट डाल चुके थे 12 बजे तक अगले दो घंटे में यह मतदान प्रतिशत 32 प्रतिशत पंहुच चुका था और एक बजे तक 39ण्4 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे शाम तीन बजे समाचार लिखे जाने तक लगभग 51 प्रतिशत मतदाता अपने मताध्किार का प्रयोग कर चुके थे। आमतौर पर राज्य में कहीं से भी मतदान के दौरान किसी अप्रिय घटना की
सूचना नहीं थी लेकिन कुछ मतदान केन्द्रों पर पफर्जी मतदान को लेकर कहा सुनी और नोकझोंक की खबरें जरूर थी। एक ओर जहां उधमसिंह नगर के रमपुरा पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान को लेकर भाजपा विधायक राजकुमार ठकराल और एसएसपी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। भाजपा विधयक ठकराल द्वारा एसएसपी से अभद्रता करने की भी खबर है। वहीं बाजपुर में एक पीठासीन अधिकारी को फर्जी मतदान करने के कारण लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की। मामला वार्ड नम्बर 8 के बूथ नम्बर 15 का है जहां पीठासीन अधिकारी माधोराम नगर निगम अध्यक्ष पद प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान करते पकड़ा गया। जिसकी लोगों ने पिटाई कर दी। बाद में यहंा पीठाधीन अधिकारी को बदल दिया गया। वहीं नगर पंचायत सुल्तान पट्टी बाजपुर में दो पक्षों मंे फर्जी मतदान को लेकर मारपीट की खबर है। इसके अलावा महिला डिग्री कॉलेज हल्द्वानी में भी बूथ में फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हुआ। राजधानी के गांधी स्कूल तथा करनपुर के मंगलादेवी स्कूल में भी हंगामें की खबरें है। राजधनी दून के मेयर पद को लेकर हो रहे त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस भाजपा और बसपा प्रत्याशियों ने एक.एक बूथ पर घूमकर स्थिति पर नजर बनाए रखी। देहरादून में 60 वोर्डों के पार्षद और मेयर के चुनाव के लिए मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मतदान शाम पंाच बजे तक जारी रहेगा। खबर लिखे जाने तक सभी 51 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे ।

युवाओं ने दिखाया जोश

देहरादूनए 28 अप्रैल । पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करते हुए वोट डालने आये युवाओं में काफी उत्साह रविवार को साफ दिखाई दियाए युवाओं का कहना है कि उन्हें भी निकाय चुनाव में अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर दिया गया है जिससे वह काफी उत्साहित है। नेहरू कालोनी स्थित सेंट ऐनीस स्कूल में पहली बार मतदान करने आई प्रिया भारद्वाज व श्रेय भारद्वाज ने कहा कि उन्हें मत देने का अधिकार मिला है और उन्होंने क्षेत्र के विकास को बढावा देने और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से सुनने वाले को अपने मताधिकार का प्रयोग किया है और आने वाले समय में युवा ही समाज में बदलाव लाने में सक्षम है। वहीं जीजीआईसी राजपुर रोड पर बने मतदान केन्द्र में सौरभी ने पहली बार मताधिकार का प्रयोग किया और उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की है कि आज उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलाए वहीं योगेश्वरी व पूनम ने भी पहली बार अपने मत का प्रयोग कियाए जबकि आशा का शादी के बाद पहली बार मतदान रहा और वह काफी उत्साहित दिखाई दी। विकलांग शरज बोहरा ने पहली बार अपने मतदान का प्रयोग किया और वह इशारों में काफी खुश दिखाई दिये और उत्साहित लगे। निधि भी पहली बार वोट डालकर कापफी प्रसन्न दिखाई दी और कहा कि उसने भी अपना मेयर व पार्षद प्रत्याशी का चुनाव किया है। राहुल पहली बार मतदाता बना है और उसने भी मत का प्रयोग कर अपने प्रतिनिधि का चुनाव किया हैए वह शिक्षित व योग्य प्रतिनिधि को अपना वोट देकर आई है। इसी प्रकार राजधानी में अनेक मतदान केन्द्रों में नये मतदाता काफी खुश दिखाई दिये और उनका कहना है कि मेयर व पार्षद प्रत्याशी वही होना चाहिए जिसे महानगर की समस्याओं की जानकारी है और जो बेहतर विकास कर सके।

बुजुर्गों ने भी बढ़चढ़कर लिया हिस्सा

देहरादूनए 28 अप्रैल । बडी संख्या में जहां युवा वर्ग मतदान करने के लिए आगे आ रहे थेए वहीं बुर्जुग भी किसी से पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी बढ़चढकर मतदान करने में हिस्सा लिया। किशन नगर चौक स्थित बनाये गये मतदान केन्द्र में 95 वर्षीय बुर्जुग महिला में काफी उत्साह दिखाई दिया और मतदान का प्रयोग करने के बाद वह मीडिया से रूबरू हुई और कहा कि अभी भी वह जवां है और इस उम्र में भी वह मतदान कर अपने प्रत्याशी व मेयर को चुनने आई है। वहीं सीएनआई गर्ल्स स्कूल में 91 वर्षीय एस एल टंडन ने कहा कि मेयर व पार्षद प्रत्याशी को चुनने के लिए वह घर से बाहर आये है और शिक्षित व जनता के बीच जानने व पहचानने वाले को ही वह मत देंगे और अभी तो उन्हें शतक पूरा करना है और आगे भी चुनाव में मतदान करना है। वहीं गांधी इंटर कालेज मतदान केन्द्र में सतीश नामक बुर्जुग ने भी अपने मतदान का प्रयोग किया और उन्होंने अपनी अपनी उम्र 82 साल बताई। सनातन धर्म में सुरेन्द्र सिंह 75 वर्षीय ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया और उसमें कापफी उत्साह दिखाई दे रहा था।

सरकार का भविष्य तय करेगा निकाय चुनाव!

देहरादूनए 28 अप्रैल। मई माह उत्तराखण्ड की कांग्रेस सरकार के लिए अहम माना जा रहा हैए क्योंकि इस माह में सरकार के सामने उसके डेढ़ वर्ष के कार्यकाल का परिणाम आ जाएगा। वहीं माना जा रहा है कि मई माह में ताबड़तोड़ तबादले भी हो सकते हैंए जिसके लिए साइड पोस्टिंग में बैठे अफसर भविष्य के लिए अपनी पोस्टिंग की तैयारियों मंे जुट गए हैं। वहीं सरकार भी चुनाव परिणाम के आधार पर अफसरों की समीक्षा कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएं तो गलत नहीं होगा। शासन में चर्चाएं आम हैं कि चुनाव के बाद बड़े पफेरबदल की तैयारी है। हमेशा की तरह इस बार भी निशाने पर राज्य के प्रमुख कमाउ मैदानी जिले ही हैं। सरकार के सामने निकाय चुनाव परीक्षा का परिणाम होगा तो बहुगुणा को दिल्ली दरबार में निकाय चुनाव में मिले परिणामों की मार्कशीट आलाकमान को दिखानी होगी। इन चुनाव के परिणामों के साथ.साथ मिशन 2014 और जल्द होने जा रहे राज्य के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी हैंं। सड़क से लेकर जलए जंगलए जमीन के मसले पर घिर चुकी बहुगुणा सरकार जर्बदस्त दबाव में है। राज्य में विपक्ष में बैठी भाजपा सरकार को हर मसले पर कोस रही है तो बहुगुणा सरकार मजबूत जवाब आजतक किसी मामले पर नहीं दे सकी है। दून के छरबा में कोकाकोला प्लांट के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ ही एमओयू के साथ शुरू हुए विरोध ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं तो दबाव के लिए करोड़ों रुपए से लदी शराब के ट्रकों को रोेके जाने के मामले पर उद्योगपतियों में घोर निराशा है। उद्योगपतियों में चर्चा है कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए यह कैसा माहौल तैयार कर रही है। इन सारी कारस्तानियों के पीछे कहीं न कहीं अफसरों की जमात है। अब सरकार अपफसरों से निपटकर जनता की सुने या फिर जनता के साथ.साथ अपने मसले भी हल कराये। जानकार बताते हैं कि तबादलों की बड़ी सूची मई के दूसरे सप्ताह में हर हाल में आना तय है।

बूथे बदलने से हुए परेशानी

देहरादूनए 28 अप्रैल । मतदाताओं के साथ ही अन्य पुराने मतदाताओं को अधिक प्रचार न होने के कारण इसकी मार का सामना करना पडा। कई मतदाता चुनाव के दौरान जिस बूथ पर मतदान करते थेए इस बार उनका बूथ बदल दिया गया और पर्ची उन्हें पुराने ही बूथ की दी गईए इससे उनमें असमंजस की स्थिति रही है। कई ऐसे मतदाता पहंुचे जिनके पास पर्ची उसी बूथ की थी लेकिन उनका नाम दूसरे बूथ पर थाए वहां पर तैनात बीएलओ ने इसकी जानकारी उन्हें दी। मतदाताओं का कहना है कि पूर्व में वह जहां निर्धारित स्थान पर मतदान करने करते थे आज उनका उस मतदान केन्द्र से किसी भी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है। मतदान करने के लिए दुविधा हो रही है इस दौरान अन्य मतदाताओं ने अपनी परेशानियों से रूबरू कराया और कहा कि इसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार हैए तो वह कहने लगे कि यह तो परिसीमन का कमाल है। उनका कहना है कि उन्हें बूथ के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और जो पर्ची मिली उसमें पुराने बूथ का नाम अंकित किया गया। इस दौरान कई मतदाता ऐसे भी मिले जिन्होंने कहा कि उनका बूथ भी बदल गया और उन्हें जानकारी नहीं है और कई बार पूछने के बाद भी सही स्थिति का पता नहीं लग पाया है। वह मतदान करने के लिए धक्के खा रहे हैए दो बूथ पर जाने के बाद बताया गया कि इस बूथ पर उनका मत नहीं है। ऐसे में काफी परेशानियों का भी सामना करना पडा और दुविधा भी हुईए कुल मिलाकर लोगों को परेशानी झेलनी पडी है। कई स्थानों पर मतदाता इधर से उधर भागते हुए दिखाई दिये और बाद में कहीं जाकर दूसरे मतदान केन्द्र पर उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग कर संतुष्ट होना पड़ा।


(राजेन्द्र जोशी)

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