जय जगत गीत को भोलेश्वर मुखिया ने गाया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 28 अप्रैल 2013

जय जगत गीत को भोलेश्वर मुखिया ने गाया


विजय गोरैया ने गीत की विवेचना कर दिये


अररिया । किसी तरह का कार्यक्रम शुरू करने के पूर्व जल,जंगल,जमीन की जंग लड़ने वाले गांधीवादी कार्यकर्ताओं के द्वारा जय जगत नामक गीत गाते हैं। निर्धनतम क्षेत्र नागरिक समाज के सहयोग से प्रगति ग्रामीण विकास समिति के बैनर तले भूमि एवं स्वास्थ्य अधिकार पर परिसंवाद के अवसर पर भोलेश्वर मुखिया ने जय जगत नामक गीत गाये और विजय गोरैया ने गीत की विवेचना किये।  अररिया जिले के नरपतगंज के बरदाहा पंचायत भवन में भूमि एवं स्वास्थ्य अधिकार पर परिसंवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रगति ग्रामीण विकास समिति के जिला समन्वयक विजय गोरैया ने जय जगत के गीत की विवेचना किये एवं संगठन का उद्देश्य गीत का भावार्थ प्रस्तुत कर बताये। सबसे पहले बताये जो सबके सुख के वास्ते अपना दुःख बिसारना होगा और समाज सुखी होगा। यदि प्रेम समाज में होगा तो सभी समस्या को सरल तरीका से सुलझाया जा सकता है। समाज में प्रेम बढ़ाने के लिए सबसे नीचे के लोगों से शुरू करना होगा। यदि हम ऐसा करते हैं तो हासिये पर के लोग आगे बढ़ सकेंगे। हमारा दायित्व बनता है कि जो हासिये पर बंधु हैं उनको ऊपर उठाना। जिनके पास समान्य से नीचे क्षमता वाले को सामान्य स्थिति में आवे। अर्थात उनको ये अहसास होना चाहिए कि समाज भी हमको सहारा कर रहा है।

इस अवसर पर श्री राम प्रसाद राम, नाथपुर ने कहा कि कुछ आदमी ऐसे हैं जिसको एक धुर भी जमीन घर बनाने के लिए नहीं है। आवासीय भूमिहीनों को सरकार के द्वारा कुछ जमीन मिले। हमारे यहां अर्थात नाथपुर गांव में 25 से 30 घर के लोग बिल्कुल ही आवासीय भूमिहीन है। बरदाहा में भी 30 घर भूमिहीन है। कई लोगों को बासगीत पर्चा भी नहीं मिला है। ऐसा लोगों को घर तोड़कर भगाया जा रहा है। अब जाकर सरकार के द्वारा जो सूची बन रही है उसमें आवासीय भूमिहीनों को दरकिनार कर दिया है। सरकारी योजनाएं में तो बहुत सारी योजनाएं हवा-हवाई साबित हो रही है। यहां के अधिकांष गरीबों का नाम बी.पी.एल. में नहीं है। आवेदन दिये गये हैं। पावती भी है। लेकिन अभी दिखाने में असमर्थ है। पावती हाथ में और साथ में नहीं है। बच्चे लाल यादव ने कहा कि हम लोग मनरेगा में वृक्षारोपन के कार्य किये हैं। गत 6 माह से काम का दाम नहीं मिला है। एक भी रूपए नहीं मिला है। रीग बनाकर पौधा लगवाया गया है। पैसा नहीं मिला। श्रीमती वीणा देवी, फरही ने कहा कि हम लोगों का घर सड़क के किनारे है। बगल में रहने वाले लोग चापाकल नहीं गाड़ने देते हैं। ट्रैक्टर से अगल बगल जोत देता है और काफी क्रोध में बोलते हैं। मनरेगा में काम किया पैसा नहीं दिया। श्रीमती कुमारवती देवी, बरदाहा ने कहा कि तीन बाल बच्चा  है। मेरा पति विकलांग हैं। मेरे पास एक कट्टा जमीन है। कागज नहीं है। बी.पी.एल.में नाम नहीं है। दबंग लोग नाम कटवा दिये हैं। बिहार सरकार से जमीन मिली थी। एक एकड़ से ज्यादा जमीन मिली है। लेकिन उसका उपयोग नहीं कर पा रही है। रामदेव उरांव, नाथपुर ने कहा कि कुछ लोगों को जमीन नहीं है। रोड साइड में रहते हैं। धनी लोग धमकी देते हैं । कुछ लोगों को जमीन मिली है। पर जमीन पर दखल नहीं है। स्वास्थ्य कार्ड की समस्या है। परिसंवाद की अध्यक्षता विष्णुदेव प्रसाद यादव ने की। इसका संचालन एवं विषय प्रवेश विजय गोरैया ने किया। आगत लोगों का स्वागत- भोलेश्वर मुखिया ने किया। अभियान गीत लालबहादुर, कुलानंद एवं बैघनाथ राम ने पेश किया। 18 महिला-पुरूषों ने अपनी समस्याओं को प्रस्तुत किया। 



---अलोक कुमार---
पटना 



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