- निजी विश्वविद्यालय गहरी साजिश का द्योतक -प्रिंस कुमार
- विधेयक जनविरोधी एवं असंवैधानिक-आशुतोष
औरंगाबाद- आज ए.आई.एस.एफ. की औरंगाबाद नगर ईकाइ ने निजी विश्वविद्यालय विधेयक के खिलाफ शहर के साई मंदिर के पास से विरोध जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया व बील की प्रतियां जलाई। प्रदर्शन का नेतृत्व नगर ईकाइ के अध्यक्ष चंदन कुमार एवं सचिव दिनेश कुमार ने किया। प्रदर्शन साई मंदिर से निकलकर कचहरी रोड, सदर अस्पताल, सराय मोड़ होते हुए रमेश चैक पहुंचा जहां निजी विश्वविद्यालय विधेयक रद्द करो, निजी वि.वि. विधेयक धोखा है, शिक्षा का निजी करण बंद करो, शिक्षा का बाजारीकरण नहीं सहेंगे, राष्ट्रपति का बेटा हो या भंगी की संतान सबको शिक्षा एक समान व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे गलाये। निजी विश्वविद्यालय के माध्यम से वर्तमान राज्य सरकार सार्वजनिक जबाबदेहियों से बचना चाहती है तथा जनता की मेहनत की कमाई को लूटने की खुली छूट पूंजीपतियों को देना चाहती है। यह एक गहरी साजिश का द्योतक है। जो राज्य प्रायोजित एवं बहुत ही चालाकी से किया जा रहा है। आज सामाजिक न्याय का नारा देने वाले लोग ही सामाजिक अन्याय में शामिल हैं। ये बातें संगठन के राज्य परिषद सदस्य प्रिंस कुमार ने कहा। संगठन के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि राज्य में आजादी के बाद के दौर में स्कूल-काॅलेज का सरकारीकरण हुआ लेकिन आज उसके विपरीत निजीकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र शक्तियों के कमजोर होने से लोकतांत्रिक शक्तियां भी कमजोर पड़ी है। नगर अध्यक्ष चंदन व सह् सचिव पीयूष ने कहा कि बिहार निजी विश्वविद्यालय विधेयक 2013 जनविरोधी, राष्ट्रविरोधी, छात्रविरोधी ही नहीं असंवैधानिक भी है। 2002 में हूबहू इसी स्वरूप के विधेयक छतीसगढ़ में लाया गया जिसके खिलाफ सर्वोचय न्यायालय ने उस विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द किया। वही नगर उपाध्यक्ष राहुल एवं सुभम ने इसके खिलाफ तमाम छात्र संगठन, शिक्षक संगठन एवं कर्मचारी संगठनों से एकजुट आंदोलन का आह्वान किया। पूर्व जिला सचिव नीरज कुमार ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों के द्वारा शिक्षण एवं प्रबंधन की आड़ में निर्दयता से पैसे वसूले जा रहे हैं जिसे चुपचाप झेलने को मजबूर है बावजूद राज्य ने पूंजीपतियेां के सामने आत्मसमर्पणकर दिया हैं। संगठन ने निजी विश्वविद्यालय विधेयक के खिलाफ चरणबद्ध आन्दोलन छेड़ेगा। प्रदर्शन में अंकित, मनिष, गुलसन, दीपक, विक्रम, आकाश, सोनू, प्रकाश नवनित, चितरंजन, अविनाश, दिवाकर, ऋषितोष के अलावा सैकड़ों की संख्या में छात्र शामिल थे।
---मनोज कुमार सिंह---

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