वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद राज्यों के नुकसान का मुआवजा तय करने के लिए 'स्वतंत्र प्रणाली' की आवश्यकता बताई। भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा शनिवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम के इतर मौके पर मोदी ने संवाददाताओं से कहा, "जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद स्वतंत्र प्रणाली से राज्यों का मुआवजा तय होना चाहिए।" मोदी बिहार के उप मुख्यमंत्री भी हैं।
कई राज्यों ने जीएसटी लागू होने के बाद नुकसान की आशंका जताई है। जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश का कर ढांचा एक समान हो जाएगा और पूरा देश एक बाजार में बदल जाएगा। मोदी ने कहा कि समिति अभी फिक्की, एसोचैम जैसे राष्ट्रीय कारोबारी संगठनों को पत्र लिखकर उनसे प्रवेश कर और दोहरा नियंत्रण जैसे मुद्दों पर राय मांग रही है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से भारत को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल हो जाएगी। मोदी ने कहा, "यदि हम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन से प्रतियोगिता करना चाहते हैं, तो हमें जीएसटी लानी होगी।"
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